INDIA Alliance Meeting: नई दिल्ली में २३ दलों का महामंथन आज, पर भीतर सुलग रहे मतभेदों से कैसे निपटेंगे राहुल और खड़गे?

भारतीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चेबंदी को मजबूत करने के इरादे से बनाए गए विपक्षी दलों के साझा मंच 'INDIA गठबंधन' की आज सोमवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बैठक को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में बदले राजनीतिक घटनाक्रमों और कई राज्यों के चुनावी नतीजों से मिले झटकों के बाद, अब गठबंधन के सामने खुद को दोबारा खड़ा करने और अपनी रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करने की कड़ी चुनौती है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में होने जा रही इस बैठक में कुल 23 विपक्षी दलों के नेताओं के जुटने की उम्मीद है, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे बड़े चेहरे शामिल होंगे।
क्या है आज की बैठक का मुख्य एजेंडा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, इस बैठक के लिए 23 राजनीतिक दलों ने अपनी औपचारिक सहमति दे दी है। बैठक का मुख्य फोकस आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों और साल 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एक मजबूत और साझा रोडमैप तैयार करना है। इसके अलावा, राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए एक सुर में बात रखने और गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाने पर भी गंभीर चर्चा होगी।
एक और दिलचस्प बात यह है कि इस बैठक में दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) को गठबंधन में शामिल करने के लिए दरवाजे औपचारिक रूप से खोले जा सकते हैं।
बैठक की चमक के बीच अपनों की बेरुखी
भले ही विपक्ष इसे एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन मान रहा हो, लेकिन कुछ बेहद महत्वपूर्ण और बड़े सहयोगियों की अनुपस्थिति ने गठबंधन के भीतर की अंदरूनी रार को जगजाहिर कर दिया है। इसे हम नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:
अंदरूनी मतभेद भी नहीं हुए पूरी तरह खत्म
केरल का विवाद दिल्ली तक पहुँचा
गठबंधन के भीतर केवल सहयोगियों की दूरी ही बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि जो दल साथ आ रहे हैं, उनके बीच की पुरानी कड़वाहट भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मिसाल के तौर पर, केरल विधानसभा चुनाव के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और कांग्रेस के नेताओं के बीच जो तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगे थे, उसकी गूंज आज की बैठक में सुनाई दे सकती है। वामपंथी दलों का साफ मानना है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ थे। सीपीएम के एम.ए. बेबी और भाकपा (CPI) के डी. राजा इस मुद्दे को बैठक के एजेंडे में लाने के संकेत दे चुके हैं।
भाजपा का विपक्षी एकता पर तीखा तंज
विपक्ष की इस बैठक और सहयोगियों की आपसी कलह पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि 'INDIA' गठबंधन के भीतर के मतभेद इतने गहरे हैं कि ये कभी एक साथ टिक ही नहीं सकते। उन्होंने दावा किया कि यह गठबंधन देश की जनता के सामने एक मजबूत और प्रभावी राजनीतिक विकल्प बनने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुका है। ऐसे में आज होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात बनकर रह जाएगी या वाकई कोई मजबूत रणनीति सामने आएगी, इस पर पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।