क्या बिना NEET दिए भी मेडिकल फील्ड में चमकेगा करियर? जानिए एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग में असली अंतर और कमाई के मौके

चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा (Healthcare Sector) के क्षेत्र में करियर बनाना आज भी देश के लाखों युवाओं का सबसे बड़ा सपना है। जब भी मेडिकल फील्ड का जिक्र होता है, तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में एमबीबीएस (MBBS) का नाम आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर बनने के अलावा भी इस क्षेत्र में एक ऐसा बेहतरीन विकल्प मौजूद है, जिसमें बिना नीट (NEET) के भी आप एक बेहद शानदार और सम्मानजनक करियर बना सकते हैं? हम बात कर रहे हैं बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) की। आइए एक रिपोर्टर की नजर से समझते हैं कि इन दोनों पॉपुलर कोर्सेज में क्या मुख्य अंतर है और आपके भविष्य के लिए कौन सा विकल्प सबसे बेस्ट साबित हो सकता है।
कोर्स की अवधि और पढ़ाई में क्या है बड़ा अंतर एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग दोनों ही चिकित्सा क्षेत्र के बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, लेकिन इनकी पढ़ाई और जिम्मेदारी का तरीका बिल्कुल अलग है। एमबीबीएस यानी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी एक साढ़े पांच साल (इंटरर्नशिप सहित) का अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है, जिसमें मुख्य रूप से बीमारियों के इलाज, सर्जरी और दवाओं के निर्धारण की गहरी पढ़ाई कराई जाती है। दूसरी ओर, बीएससी नर्सिंग एक 4 साल का प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है। इस कोर्स के दौरान छात्रों को मरीजों की देखभाल, अस्पताल प्रबंधन, क्रिटिकल केयर और डॉक्टरों की सहायता करने की बारीकियां सिखाई जाती हैं।
क्या बिना नीट (NEET) परीक्षा के भी मिल सकता है एडमिशन यह सवाल हर उस छात्र के मन में होता है जो नीट की कठिन परीक्षा को पास नहीं कर पाता या उसमें शामिल नहीं होना चाहता। आपको बता दें कि एमबीबीएस करने के लिए देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने हेतु नीट (NEET-UG) की परीक्षा पास करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसके बिना आप डॉक्टर बनने की पढ़ाई नहीं कर सकते। लेकिन बीएससी नर्सिंग के मामले में ऐसा नहीं है। कई बड़े संस्थान और राज्य सरकारें बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित करती हैं, जबकि कुछ कॉलेज तो 12वीं के मार्क्स के आधार पर सीधे एडमिशन भी देते हैं। यानी बिना नीट के भी आप इस बेहतरीन मेडिकल कोर्स का हिस्सा बन सकते हैं।
करियर स्कोप और जॉब प्रोफाइल्स में कितना है अंतर सफलता की बात करें तो दोनों ही कोर्सेज को पूरा करने के बाद नौकरियों की कोई कमी नहीं है। एमबीबीएस पूरा करने के बाद आप एक सर्टिफाइड डॉक्टर बन जाते हैं और सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में जूनियर रेजिडेंट, मेडिकल ऑफिसर या खुद का क्लिनिक शुरू कर सकते हैं। वहीं, बीएससी नर्सिंग करने के बाद उम्मीदवार स्टाफ नर्स, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, मिलिट्री नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) या फिर नर्सिंग कॉलेजों में ट्यूटर बन सकते हैं। इसके अलावा, आजकल विदेशों (जैसे यूके, यूएसए, कनाडा और गल्फ देशों) में भारतीय नर्सों की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है, जिससे इंटरनेशनल करियर का रास्ता भी खुल जाता है।
सैलरी और कमाई के मामले में कौन है आगे कमाई और सैलरी पैकेज के लिहाज से देखा जाए तो शुरुआत में एमबीबीएस डॉक्टरों का पलड़ा भारी रहता है। एक नए एमबीबीएस डॉक्टर की शुरुआती सैलरी 50,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकती है, जो अनुभव और स्पेशलाइजेशन (MD/MS) के बाद करोड़ों में पहुंच जाती है। वहीं, बीएससी नर्सिंग करने के बाद शुरुआती सैलरी 25,000 से 45,000 रुपये प्रति माह के बीच होती है। हालांकि, एम्स (AIIMS) जैसे बड़े केंद्रीय अस्पतालों में नर्सिंग ऑफिसर की शुरुआती सैलरी ही 70,000 रुपये से अधिक होती है। साथ ही, विदेशों में जाकर काम करने वाली नर्सें हर महीने लाखों रुपये की मोटी कमाई आसानी से कर लेती हैं।