एक तरफ टूट रही थी शादी, दूसरी तरफ कैंसर से तड़प रही थीं मां, श्रेयस तलपड़े ने बयां किया जिंदगी का सबसे भयानक दौर

बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के बेहतरीन और दिग्गज अभिनेताओं में शुमार श्रेयस तलपड़े (Shreyas Talpade) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और लाजवाब कॉमेडी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता ने सिल्वर स्क्रीन पर तो सबको खूब हंसाया है, लेकिन उनकी असल जिंदगी के पीछे दुखों का एक ऐसा समंदर छिपा है जिसके बारे में जानकर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी। फिल्म 'इकबाल' (Iqbal) से रातों-रात शोहरत बटोरने वाले श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे काले और मुश्किल वक्त का खुलासा किया है। अभिनेता ने बताया कि एक समय उनकी जिंदगी में ऐसा आया था जब वह व्यक्तिगत और पारिवारिक मोर्चे पर पूरी तरह टूट चुके थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह इस नरक जैसी स्थिति से खुद को कैसे बाहर निकालें।
जब दांव पर लगी थी 21 साल पुरानी शादीशुदा जिंदगी
श्रेयस तलपड़े ने अपने एक बेहद भावुक इंटरव्यू में बताया कि उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उनकी पत्नी दीप्ति तलपड़े के साथ उनके रिश्ते बेहद खराब दौर से गुजर रहे थे। शादी के 21 साल पूरे होने के बाद दोनों के बीच दूरियां इतनी ज्यादा बढ़ गई थीं कि बात तलाक और हमेशा के लिए अलग होने तक पहुंच चुकी थी। दो दशक से भी ज्यादा पुराना रिश्ता जब बिखरने की कगार पर था, तो वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे। श्रेयस के लिए यह स्वीकार करना बेहद मुश्किल था कि जिस हमसफर के साथ उन्होंने अपनी जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव को देखा, वही अब उनसे दूर होने जा रही थी। इस तनाव ने उन्हें डिप्रेशन के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था।
उसी वक्त मां की कैंसर की खबर ने पैरों तले खिसका दी थी जमीन
मुसीबतें कभी अकेले नहीं आतीं और श्रेयस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक तरफ जहां वह अपनी बिखरती शादी को बचाने की नाकाम कोशिशों में लगे थे, ठीक उसी वक्त उनकी मां को लेकर एक बेहद स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मां को कैंसर (Cancer) जैसी जानलेवा बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है। श्रेयस के लिए यह किसी दोहरे झटके से कम नहीं था। एक बेटा होने के नाते मां को इस तरह तड़पते और मौत से जूझते देखना उनके लिए रूह कंपा देने वाला अनुभव था। दिन में अस्पताल के चक्कर काटना और रात में घर के बिखरे माहौल को संभालना उनकी दिनचर्या बन चुकी थी।
कैमरे के सामने हंसना और पीछे आंसू बहाना बन गई थी मजबूरी
इस बेहद दर्दनाक और कठिन समय के दौरान भी श्रेयस को अपनी प्रोफेशनल लाइफ को जारी रखना था क्योंकि काम बंद करने का मतलब था आर्थिक मोर्चे पर भी पिछड़ जाना। अभिनेता ने याद करते हुए बताया कि उस दौरान वह कॉमेडी शो और फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे। कैमरे के सामने जाते ही उन्हें अपने सारे दुखों को भूलकर जोर-जोर से हंसना पड़ता था और लोगों का मनोरंजन करना पड़ता था, लेकिन जैसे ही डायरेक्टर 'कट' बोलता था, वह वैनिटी वैन के कोने में बैठकर फूट-फूटकर रोते थे। इस मानसिक द्वंद्व ने उन्हें भीतर से खोखला कर दिया था, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने काम पर इसका असर नहीं पड़ने दिया।
मुश्किल वक्त ने सिखाया जिंदगी का सबसे बड़ा सबक
श्रेयस तलपड़े का मानना है कि जिंदगी के उस सबसे बुरे दौर ने उन्हें अंदर से एक बेहद मजबूत इंसान बना दिया। उन्होंने हार नहीं मानी और डटकर हर परिस्थिति का सामना किया। समय के साथ उनकी मां ने कैंसर जैसी घातक बीमारी को मात दी और दूसरी तरफ उन्होंने और उनकी पत्नी ने आपसी समझदारी से अपनी 21 साल पुरानी शादी को टूटने से बचा लिया और एक नई शुरुआत की। आज श्रेयस जब उस वक्त को याद करते हैं, तो उनका मानना है कि इंसान की इच्छाशक्ति के आगे कोई भी दुख बड़ा नहीं होता। उनका यह संघर्ष आज उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अपनी जिंदगी में कठिन दौर से गुजर रहे हैं।