US-Iran War Ends: “इंजन चालू करो, तेल की सप्लाई शुरू होने दो!” ट्रंप ने किया ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का ऐतिहासिक एलान

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर 2026 की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने रविवार को आधिकारिक घोषणा की है कि ईरान के साथ बहुप्रतीक्षित शांति समझौता (US-Iran Peace Deal) पूरी तरह से अंतिम रूप ले चुका है। ट्रंप ने एलान किया कि तीन महीने से अधिक समय से मिडिल ईस्ट में जारी भीषण सैन्य टकराव अब खत्म हो चुका है। इसके तहत रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोल दिया जाएगा और अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह खत्म कर देगी।
ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर धमाका: 'सभी को बधाई, डील इज डन!'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महाडील की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट के जरिए दी, जिसने पूरी दुनिया की मीडिया में सनसनी मचा दी। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा:
"इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई! मैं होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल की सप्लाई शुरू होने दो!"
इस एलान के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे भारत समेत दुनिया भर के देशों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने किया मध्यस्थता का एलान
डोनाल्ड ट्रंप का यह बड़ा बयान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान द्वारा दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की पुष्टि करने के ठीक बाद आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस ऐतिहासिक कामयाबी की घोषणा करते हुए लिखा:
"गहन बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा की है।"
हालांकि, इस कूटनीतिक घोषणा से ठीक पहले ईरान ने पाकिस्तान के एकतरफा बयानों पर कड़ी आपत्ति भी जताई थी, जिसके कारण शुरुआत में इस समझौते के पुख्ता होने पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, ट्रंप के ट्वीट ने अब इन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है।
आगामी 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे आधिकारिक हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी पोस्ट में आगे साफ किया कि शांति समझौते के ड्राफ्ट पर दोनों देशों के बीच पूर्ण "सहमति बन गई है"। इस समझौते को अंतिम रूप देने और आधिकारिक तौर पर लागू करने के लिए 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड (Switzerland) की धरती पर एक भव्य हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक सफलता कई वैश्विक महाशक्तियों और पक्षों के साथ हफ्तों तक चली बेहद गुप्त और गहन कूटनीतिक बातचीत के बाद हासिल हुई है।
जानिए क्यों शुरू हुआ था यह भयंकर युद्ध?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस विनाशकारी टकराव की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी 2026 के आखिर में हुई थी, जब अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने ईरान के अंदर घुसकर ताबड़तोड़ सैन्य हमले किए थे। इस अप्रत्याशित हमले के जवाब में तेहरान (ईरान) ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत दुनिया की लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री आवाजाही को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था, जो वैश्विक स्तर पर तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई का सबसे प्रमुख मार्ग है। ईरान के इस कदम के जवाब में वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की सख्त नौसैनिक घेराबंदी (Naval Blockade) कर दी थी, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा का बड़ा संकट पैदा हो गया था। अब इस समझौते से वैश्विक व्यापार जगत ने बड़ी राहत की सांस ली है।