‘होश में आओ और असलियत समझो’, जेडी वेंस ने नेतन्याहू को दिखाया आईना; बोले- आपकी सबसे बड़ी समस्या ट्रंप नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक प्रारंभिक समझौते (MoU) के बाद पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति की उम्मीदों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब इजरायल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने से साफ इनकार कर दिया। इजरायल के इस अड़ियल रुख पर अमेरिकी प्रशासन ने बेहद तीखी नाराजगी जताई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे शब्दों में आईना दिखाते हुए वास्तविकता की पहचान करने की नसीहत दे डाली है। वेंस ने साफ कहा कि इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अपनी हर समस्या का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई या लोगों को मारकर नहीं निकाल सकता।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस नए समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम और देशों की क्षेत्रीय अखंडता व संप्रभुता का सम्मान करने की सख्त शर्त शामिल है, जिसके दायरे में इजरायल का पीछे हटना अनिवार्य माना जा रहा है।
दक्षिणी लेबनान का नया नक्शा जारी कर नेतन्याहू ने दिए अनिश्चितकाल तक रुकने के संकेत
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में अपने नियंत्रण वाले सैन्य क्षेत्रों का एक नया नक्शा जारी कर दुनिया को चौंका दिया। इस कदम से इजरायल ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वह फिलहाल लेबनान की धरती से पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायली सेना (IDF) दक्षिणी लेबनान में अनिश्चितकाल तक तैनात रह सकती है। उन्होंने साफ किया कि जब तक इजरायल की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरत महसूस होगी, तब तक उनकी सेना लेबनान में डटी रहेगी।
नेतन्याहू के बयान पर भड़के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कहा- इजरायल की सुरक्षा करने वाले दो-तिहाई हथियार अमेरिकी हैं
नेतन्याहू के इस आक्रामक रुख पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का गुस्सा फूट पड़ा। 'न्यूज एजेंसी' को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि इजरायली पीएम को जमीनी हकीकत और वक्त के तकाजे को पहचानने की सख्त जरूरत है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि उनके और नेतन्याहू के बीच पूर्व में जिस तरह की बातचीत हुई थी, इजरायल का मौजूदा व्यवहार उसके बिल्कुल विपरीत है। वेंस ने इजरायल के उन मंत्रियों को आड़े हाथों लिया जो लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमलावर हैं। वेंस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पिछले तीन महीनों से जो हथियार आपकी मातृभूमि की रक्षा कर रहे थे, उनमें से दो-तिहाई अमेरिकी हाथों द्वारा बनाए गए थे। अगर इजरायल में कोई यह सोचता है कि उनकी सबसे बड़ी समस्या राष्ट्रपति ट्रंप हैं, तो वह तुरंत होश में आ जाए।
इतामार बेन-ग्विर और स्मोट्रिच का नाम लेकर वेंस ने पूछा- आलोचना करने वालों के पास क्या है वैकल्पिक समाधान?
जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खुलकर आलोचना करने वाले इजरायल के कट्टरपंथी मंत्रियों इतामार बेन-ग्विर और बेजालेल स्मोट्रिच का सीधे नाम लेते हुए उनसे कड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जो लोग इस शांति समझौते पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि इस अंतहीन युद्ध को रोकने के लिए उनके पास क्या वैकल्पिक समाधान है। वेंस ने तंज कसते हुए कहा कि इजरायल नौ लाख नहीं, बल्कि 90 लाख की आबादी वाला देश है, इसलिए उसे एक जिम्मेदार देश की तरह सोचना होगा। उन्होंने कहा कि इजरायल सरकार के भीतर इस समझौते को लेकर एक 'अनावश्यक घबराहट' और डर दिखाई दे रहा है, जो कि पूरी तरह बेबुनियाद है।
जमीन पर तनाव बरकरार: लेबनान में इजरायली हमला, हिजबुल्ला के ड्रोन अटैक में 5 सैनिक घायल
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इजरायल को आश्वस्त करते हुए कहा कि समझौते में बेहद सख्त और स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं कि यदि तेहरान (ईरान) अपना पुराना रवैया नहीं बदलता या आतंकी संगठनों को फंडिंग और हथियारों का समर्थन जारी रखता है, तो उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को किसी भी कीमत पर नहीं हटाया जाएगा। इस कूटनीतिक तनातनी के बीच जमीन पर युद्ध की आग अब भी सुलग रही है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों और भारी गोलाबारी में तीन आम नागरिकों की मौत हो गई है। इसके जवाब में हिजबुल्ला ने भी इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर दो आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें पांच इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।