PM Kisan 23rd Installment: खाते में नहीं आए 23वीं किस्त के ₹2000? तुरंत सुधारें ये 5 गलतियां, वरना अटक जाएगा पैसा

देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के 2000 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इसके बावजूद कई किसान भाइयों की शिकायत है कि उनके खाते में पैसा समय पर नहीं पहुंचा या बीच में ही अटक गया है। अमूमन देखा गया है कि सरकार की तरफ से फंड जारी होने के बाद भी कुछ छोटी तकनीकी कमियों या लाभार्थियों की अनदेखी के कारण यह राशि रुक जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होकर बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय तुरंत इन 5 बड़ी गलतियों को सुधार लें।
सबसे पहले पूरी करें ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन की शर्त
पीएम किसान योजना का लाभ लगातार पाने के लिए ई-केवाईसी कराना बेहद जरूरी और अनिवार्य है। जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी होती है, सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से उनकी किस्त पर रोक लगा देता है। अक्सर किसान आवेदन करने के बाद निश्चिंत हो जाते हैं, जबकि समय-समय पर अपना स्टेटस चेक करते रहना चाहिए। आप घर बैठे पीएम किसान (PM Kisan) पोर्टल पर ओटीपी के जरिए, या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर बायोमेट्रिक और आधार लिंक मोबाइल नंबर की मदद से अपनी ई-केवाईसी तुरंत पूरी कर सकते हैं।
बैंक खाते की आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग है जरूरी
कई किसान भाइयों को लगता है कि सिर्फ बैंक खाते से आधार कार्ड का लिंक होना ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। योजना की राशि सीधे आपके खाते में भेजने के लिए बैंक अकाउंट की एनपीसीआई (NPCI) से मैपिंग यानी आधार सीडिंग होना अनिवार्य है ताकि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सुचारू रूप से काम कर सके। इसके लिए अपने बैंक खाते को हमेशा एक्टिव रखें, अपना डीबीटी स्टेटस चेक करें और बैंक जाकर आधार सीडिंग की प्रक्रिया को अपडेट कराएं।
लैंड सीडिंग स्टेटस में 'NO' तो नहीं? ऐसे कराएं अपडेट
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि रजिस्टर्ड होती है। यदि सरकार के रिकॉर्ड में आपकी जमीन की जानकारी यानी लैंड सीडिंग अपडेटेड नहीं है, तो आपकी किस्तें रुक जाएंगी। आज कल सरकार ऑनलाइन माध्यम से जमीनी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कर रही है। आप पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना लैंड सीडिंग स्टेटस देख सकते हैं। यदि वहां 'NO' लिखा आ रहा है, तो अपनी खतौनी और जमीन के कागजात लेकर तहसील या संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय जाएं और अपने रिकॉर्ड को पीएम किसान आईडी के साथ अटैच करवाएं।
नाम की स्पेलिंग, बैंक डिटेल्स और मोबाइल नंबर को करें री-चेक
आवेदन करते समय भरी गई जानकारियों में समय के साथ बदलाव या चूक भी किस्त अटकने का एक बड़ा कारण बनती है। कई बार आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग और बैंक खाते या आवेदन फॉर्म में दर्ज नाम की स्पेलिंग आपस में मैच नहीं खाती। इसके अलावा मोबाइल नंबर, पता या बैंक खाता बदलने पर अगर उसे सरकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया, तो पैसा समय पर नहीं आता। इसलिए जब भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक खाते में कोई बदलाव करें, उसे योजना के रिकॉर्ड में भी जरूर सुधारें।
घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से मिनटों में सुधारें गलतियां
अगर आप भी किस्त मिलने में हो रही देरी से परेशान हैं, तो इन सभी गलतियों को आप खुद पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट या पीएम किसान ऐप (PM Kisan App) के माध्यम से ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने गांव के नोडल अधिकारी या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग, बैंक लिंकिंग और नाम की स्पेलिंग में सुधार जैसी सभी समस्याओं का समाधान आसानी से करवा सकते हैं।