एजुकेशन

JEE में हुए फेल, माइक्रोसॉफ्ट ने भी कर दिया था रिजेक्ट, अब गूगल और मेटा से आया बंपर जॉब ऑफर

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) में असफल होने के बाद अक्सर कई छात्र हताश हो जाते हैं और अपने सपनों को छोड़ देते हैं। लेकिन इस वक्त सोशल मीडिया और टेक जगत में एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी तेजी से सुर्खियां बटोर रही है, जिसने साबित कर दिया है कि किसी एक परीक्षा में फेल होना आपके भविष्य का फैसला नहीं कर सकता। जेईई क्रैक न कर पाने और शुरुआती करियर में दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) द्वारा रिजेक्ट किए जाने के बाद भी एक भारतीय युवा ने हार नहीं मानी। अपनी कोडिंग स्किल और अटूट मेहनत के दम पर आज इस होनहार ने ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां गूगल (Google) और मेटा (Meta) दोनों ही उसे अपने साथ जोड़ने के लिए आमने-सामने आ गईं और आखिरकार उसे करोड़ों रुपये का ड्रीम सैलरी पैकेज ऑफर किया गया है।

जेईई का झटका और माइक्रोसॉफ्ट का रिजेक्शन भी नहीं डिगा सका हौसला

इस युवा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। स्कूल के दिनों से ही कंप्यूटर और कोडिंग में दिलचस्पी रखने वाले इस छात्र का सपना आईआईटी (IIT) से पढ़ाई करने का था। इसके लिए उसने दिन-रात एक करके तैयारी की, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वह जेईई की परीक्षा पास करने में असफल रहा। आईआईटी न मिलने के बाद उसने एक सामान्य टियर-3 इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज के दौरान जब टेक जायंट माइक्रोसॉफ्ट ने कैंपस प्लेसमेंट और ऑफ-कैंपस ड्राइव का आयोजन किया, तो वहां भी उसे रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। लगातार मिले इन दो बड़े झटकों ने उसे तोड़ा नहीं, बल्कि अपनी कमियों को सुधारने और ओपन-सोर्स कोडिंग व डेटा स्ट्रक्चर्स पर पकड़ मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

गूगल और मेटा में छिड़ी जंग, दोनों दिग्गजों ने दी एक से बढ़कर एक डील

कॉलेज के आखिरी सालों में इस युवा ने लिंक्डइन और विभिन्न कोडिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स में योगदान देना शुरू किया। उसकी असाधारण कोडिंग क्षमताओं और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को देखते हुए दुनिया के दो सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों यानी गूगल और मेटा के रिक्रूटर्स की नजर उस पर पड़ी। दोनों ही कंपनियों ने उसके कई राउंड के कड़े और जटिल टेक्निकल इंटरव्यू लिए। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर गूगल और मेटा दोनों ने ही उसे एक साथ जॉब ऑफर सौंप दिए। स्थिति यह बन गई कि इस टैलेंटेड सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपने साथ बनाए रखने के लिए दोनों टेक दिग्गजों के बीच होड़ मच गई और दोनों ने एक से बढ़कर एक सैलरी पैकेज और भत्तों की पेशकश कर दी।

करोड़ों के इंटरनेशनल पैकेज के साथ रचा इतिहास, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

स्थानीय स्तर (Geographical Impact) पर देखें तो भारत के छोटे शहर से निकलकर बिना किसी आईआईटी टैग के ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाने वाले इस युवा की सफलता पर उसके पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। आखिरकार उसने दुनिया की सबसे बेहतरीन कार्यसंस्कृति और हाईएस्ट पैकेज के लिए जाने जाने वाले ऑफर को स्वीकार किया, जहां उसे सालाना करोड़ों रुपये का अंतरराष्ट्रीय पैकेज (International Package) दिया गया है। डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, एआई सर्च इंजनों (AEO & AI Search) और गूगल डिस्कवर पर यह सक्सेस स्टोरी इस वक्त टॉप ट्रेंड में बनी हुई है। यह कहानी देश के उन लाखों छात्र-छात्राओं और इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ा सबक है जो किसी एक असफलता से निराश हो जाते हैं; यह साबित करता है कि डिग्री या कॉलेज का टैग नहीं, बल्कि आपका हुनर और आपकी जिद ही आपको सफलता के शिखर पर पहुंचाती है।

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