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सावधान! क्या बिल्ली पालने से हो सकती है दिमाग की यह खतरनाक बीमारी? ऑस्ट्रेलिया की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

आज के दौर में पेट लवर्स के बीच बिल्ली पालने का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है। अपनी क्यूटनेस और चुलबुली हरकतों से बिल्लियां किसी का भी दिल जीत लेती हैं। लेकिन अगर आप भी एक कैट ओनर हैं या घर में बिल्ली लाने की सोच रहे हैं, तो हाल ही में आई एक मेडिकल रिसर्च आपको हैरान कर सकती है। ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि बिल्लियों के संपर्क में रहने से गंभीर मानसिक विकार (मेंटल डिसऑर्डर) का खतरा दोगुना हो सकता है।

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय की स्टडी में सिजोफ्रेनिया का दावा

ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित क्वींसलैंड विश्वविद्यालय (University of Queensland) द्वारा किए गए एक व्यापक विश्लेषण में बिल्ली पालने और मानसिक बीमारी 'सिजोफ्रेनिया' (Schizophrenia) के बीच एक गहरा संबंध पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पिछले 44 सालों में दुनिया के 11 अलग-अलग देशों में हुई 17 बड़ी स्टडीज के डेटा का बारीकी से अध्ययन किया। इस कंबाइंड रिसर्च के नतीजों में सामने आया कि जो लोग बचपन में या वयस्क होने पर बिल्लियों के ज्यादा करीब रहे हैं, उनमें सिजोफ्रेनिया विकसित होने की संभावना आम लोगों की तुलना में दोगुनी पाई गई।

बिल्ली के मल में छिपा है 'टोक्सोप्लाज्मा गोंडी' परजीवी

आखिर एक प्यारी सी बिल्ली मानसिक बीमारी की वजह कैसे बन सकती है? डॉक्टरों के मुताबिक, इसका असली विलेन बिल्ली के मल (पूप) में पाया जाने वाला एक बेहद सूक्ष्म परजीवी (पैरॉसाइट) है, जिसका नाम टोक्सोप्लाज्मा गोंडी ($Toxoplasma\ gondii$) है। जब कोई इंसान अनजाने में इस परजीवी के संपर्क में आता है, तो यह शरीर के अंदर पहुंचकर सीधे ब्रेन हेल्थ (दिमागी स्वास्थ्य) पर हमला करता है। यह हमारे दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर (विशेषकर डोपामिन केमिकल) को असंतुलित कर देता है और मस्तिष्क में सूजन (इन्फ्लेमेशन) पैदा कर सकता है, जिससे भ्रम और गंभीर मानसिक रोगों का रिस्क बढ़ जाता है।

क्या हैं सिजोफ्रेनिया के अन्य मुख्य कारण?

विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बिल्ली पालना ही सिजोफ्रेनिया का एकमात्र कारण नहीं है। यह एक जटिल दिमागी बीमारी है जो कई अन्य वजहों से भी ट्रिगर हो सकती है:

  • आनुवंशिक कारण (Genetics): अगर परिवार में पहले किसी को यह बीमारी रही हो।

  • अत्यधिक मानसिक तनाव (Severe Stress): लंबे समय तक डिप्रेशन या ट्रॉमा में रहना।

  • केमिकल इम्बैलेंस: दिमाग में न्यूरोकेमिकल्स का संतुलन बिगड़ जाना।

कैट लवर्स संक्रमण से बचने के लिए जरूर बरतें ये सावधानियां

अगर आपके घर में पहले से ही बिल्ली मौजूद है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप कुछ बेहद आसान हाइजीन टिप्स अपनाकर इस जानलेवा परजीवी के संक्रमण से खुद को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं:

  • बिल्ली के लिटर बॉक्स (मलमूत्र की जगह) को साफ करते समय हमेशा डिस्पोजेबल ग्लव्स (दस्ताने) पहनें।

  • सफाई करने के तुरंत बाद अपने हाथों को एंटीसेप्टिक साबुन या हैंडवॉश से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।

  • अपनी पालतू बिल्ली के समय-समय पर वैक्सीनेशन (टीकाकरण) और रेगुलर वेटरनरी चेकअप का पूरा ध्यान रखें।

  • घर के फर्श और बिल्ली के बैठने की जगहों को डिसइंफेक्टेंट से साफ करते रहें।

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