योगिनी एकादशी 2026: आज घर की इन 5 विशेष जगहों पर जरूर जलाएं दीपक; चमकेगा सौभाग्य, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) आज पूरे देश में बेहद श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। सनातन शास्त्रों में योगिनी एकादशी के व्रत को समस्त पापों का नाश करने वाला और अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन तिथि पर जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और अटूट बरकत आती है। शास्त्रों में तो यहाँ तक कहा गया है कि इस एक एकादशी का व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
इस पावन अवसर पर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में 'दीपदान' का एक विशेष और चमत्कारी महत्व बताया गया है। यदि आप भी अपने घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और धन-धान्य का भंडार बनाए रखना चाहते हैं, तो आज की शाम (प्रदोष काल) में घर की पांच विशेष जगहों पर दीपक जलाना बिल्कुल न भूलें।
घर के इन 5 पवित्र स्थानों पर आज जरूर करें दीपदान
1. तुलसी का पौधा (सौभाग्य और सुख-शांति के लिए)
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को साक्षात माता लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यधिक प्रिय हैं। योगिनी एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है, गृह क्लेश दूर होते हैं और घर का सौभाग्य बढ़ता है।
2. घर का मुख्य द्वार (नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने के लिए)
घर का मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) वह स्थान है जहाँ से सकारात्मक ऊर्जा और देवी-देवताओं का आगमन होता है। आज की शाम मुख्य द्वार के दाईं ओर घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इससे घर के भीतर किसी भी प्रकार की नकारात्मक या बुरी ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और परिवार के सदस्यों की उन्नति होती है।
3. घर का पूजा मंदिर (अखंड आशीर्वाद के लिए)
आज एकादशी के दिन अपने घर के मंदिर या पूजा स्थान पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति के सम्मुख एक अखंड ज्योति या शुद्ध घी का दीपक जलाएं। दीपक की लौ की दिशा उत्तर या पूर्व की तरफ होनी चाहिए। इससे देवी-देवता अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर का आध्यात्मिक माहौल शांत व ऊर्जावान बना रहता है।
4. पीपल का पेड़ (शनि और पितृ दोष से मुक्ति के लिए)
शास्त्रों के अनुसार, पीपल के वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास होता है, विशेषकर एकादशी के दिन भगवान विष्णु पीपल में निवास करते हैं। आज शाम को किसी नजदीकी पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल या घी का दीपक जलाने से कुंडली के शनि दोष, साढ़ेसाती और पितृ दोष जैसी भारी बाधाओं से मुक्ति मिलती है, जिससे आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य अपने आप बनने लगते हैं।
5. रसोई घर या किचन (धन-धान्य की प्रचुरता के लिए)
वास्तु में रसोई घर को पूरे घर का सबसे पावन और ऊर्जा से भरपूर स्थान माना गया है, क्योंकि यहाँ माता अन्नपूर्णा का वास होता है। योगिनी एकादशी के दिन रसोई घर में (विशेषकर पीने के पानी के स्थान के पास) एक दीपक जरूर जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी जी की कृपा से घर में कभी भी अन्न, धन और धान्य की कमी नहीं होती।
दीपदान करते समय इन 2 बातों का रखें विशेष ध्यान
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शुद्धता का महत्व: दीपक जलाने के लिए हमेशा शुद्ध गाय के घी या साफ सरसों के तेल का ही उपयोग करें। खंडित (टूटे हुए) दीपक का इस्तेमाल भूलकर भी न करें।
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शांत और एकाग्र मन: दीपक प्रज्वलित करते समय अपने मन को पूरी तरह शांत और शुद्ध रखें। पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करते हुए श्री हरि का ध्यान करें।
महा मुहूर्त और समय (Quick Info)
आज 10 जुलाई को पूजा और दीपदान के लिए चौघड़िया मुहूर्त सुबह से ही बेहद अनुकूल बना हुआ है। शाम के समय सूर्यास्त के बाद का समय (प्रदोष काल) दीपदान के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है।