Delhi Riots Case 2026: आईबी कर्मी हत्याकांड में ताहिर हुसैन के दोषी होने पर भड़की सियासत; सीएम रेखा गुप्ता और गौरव भाटिया का ‘आप-कांग्रेस’ पर तीखा प्रहार

वर्ष 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद राजधानी की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इस ऐतिहासिक अदालती फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम बताया है। साथ ही, उन्होंने 'आप' के शीर्ष नेतृत्व से दंगों और हत्या के दोषी के साथ अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर तुरंत स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
दिल्ली की जनता को कब मिलेगा जवाब: सीएम रेखा गुप्ता का सीधा सवाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि दिल्ली की जनता को इस दर्दनाक और शर्मनाक प्रकरण पर 'आप' के शीर्ष नेतृत्व से जवाब कब मिलेगा? सीएम ने जोर देकर कहा कि दिल्ली की जनता के प्रति राजनीतिक जवाबदेही तय होनी ही चाहिए और दंगों की साजिश रचने व मासूमों की जान लेने वाले अपराधियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलना लाजिमी है। उन्होंने दोहराया कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
'आप' का डीएनए ही आरोपियों को संरक्षण देना है: गौरव भाटिया का बड़ा आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 'आप' और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान विपक्ष कानून और बेकसूर पीड़ितों के साथ खड़े होने के बजाय मुख्य आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने में व्यस्त था। भाटिया ने कहा, "जब आईबी अधिकारी की बेरहमी से हत्या की गई, तब ताहिर हुसैन 'आप' का निर्वाचित पार्षद था। 'आप' नेतृत्व ने उसे तुरंत निष्कासित करने के बजाय उसका बचाव किया।"
उन्होंने मार्च 2020 में संसद के पटल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए उस वक्तव्य को भी याद दिलाया, जिसमें गृहमंत्री ने साफ कहा था कि दंगों के किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और एक-एक को पकड़कर सजा दिलाई जाएगी। भाटिया ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आज भी अमानतुल्लाह खां जैसे 'आप' नेता अदालत के फैसले का विरोध कर रहे हैं, जो यह साफ दर्शाता है कि अपराधियों का साथ देना ही इस पार्टी का असली डीएनए (DNA) है।
राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर दंगा भड़काने का आरोप
कांग्रेस को घेरते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि संसद में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) कानून पारित होने के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने देश के मुसलमानों के बीच यह झूठ फैलाया कि उनकी नागरिकता छीन ली जाएगी, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय भड़का और दंगे की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नेतृत्व को आज जवाब देना चाहिए कि इस कानून के आने के बाद देश के कितने मुसलमानों की नागरिकता गई है? उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मार्च 2020 में जब राहुल गांधी दंगा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर गए थे, तो वे मस्जिद तो गए लेकिन शहीद आईबी अधिकारी के पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे।
'ताहिर हुसैन तो सिर्फ एक्टर है, असली मास्टरमाइंड कोई और': कपिल मिश्रा
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक बेहद गंभीर दावा करते हुए कहा कि ताहिर हुसैन तो इस खूनी खेल का सिर्फ एक चेहरा (एक्टर) मात्र है, जबकि इस पूरे दिल्ली दंगे का असली मास्टरमाइंड पर्दे के पीछे कोई और ही है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि 'आप' और उसके सहयोगी दल लगातार ताहिर हुसैन, उमर खालिद और अन्य दंगाइयों को कानून के शिकंजे से बचाने का कुत्सित प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस वक्त दिल्ली की सत्ता में बैठे लोग केवल एक विशेष वर्ग के तुष्टिकरण में लगे थे और हिंदुओं की सुरक्षा व उन्हें बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।