ITR Filing 2026: रिटायरमेंट के लिए NPS, PPF या EPF… कौन सी स्कीम है सबसे बेस्ट?

रिटायरमेंट (Retirement Planning) की प्लानिंग करते समय हर नौकरीपेशा व्यक्ति के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम), PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) या EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) में से कौन सी स्कीम टैक्स बचाने और बड़ा फंड बनाने में सबसे ज्यादा मददगार होगी?
वर्ष 2026 के टैक्स नियमों (Assessment Year 2026-27) के अनुसार, टैक्स का पूरा गणित इस बात पर निर्भर करता है कि आपने ओल्ड टैक्स रीजीम (Old Tax Regime) चुनी है या न्यू टैक्स रीजीम (New Tax Regime)। आइए तीनों स्कीम्स के टैक्स फायदों की तुलना सीधे और आसान शब्दों में करते हैं:
1. न्यू टैक्स रीजीम (New Tax Regime) में टैक्स का गणित
अगर आप न्यू टैक्स रीजीम के तहत अपना ITR फाइल कर रहे हैं, तो आपको धारा 80C के तहत मिलने वाली ₹1.5 लाख की छूट नहीं मिलेगी। ऐसे में स्थिति इस प्रकार होगी:
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NPS (सबसे ज्यादा फायदेमंद): न्यू टैक्स रीजीम में स्वयं का निवेश (धारा 80CCD(1) और 80CCD(1B)) टैक्स छूट के दायरे से बाहर है। लेकिन, धारा 80CCD(2) के तहत मिलने वाला एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन (Employer's Contribution) न्यू रीजीम में भी पूरी तरह टैक्स-फ्री है। साल 2026 से निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉयर आपके Basic Pay + DA का अधिकतम 14% तक एनपीएस में टैक्स-फ्री जमा कर सकता है।
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PPF: न्यू रीजीम में निवेश करने पर टैक्स छूट (80C) नहीं मिलेगी। हालांकि, पीपीएफ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका ब्याज (Interest) और मैच्योरिटी अमाउंट न्यू रीजीम में भी पूरी तरह टैक्स-फ्री (Exempt) रहेगा।
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EPF: इसमें आपके स्वयं के योगदान पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। साथ ही, यदि एक वित्तीय वर्ष में आपका स्वयं का ईपीएफ योगदान ₹2.5 लाख से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आएगा।
2. ओल्ड टैक्स रीजीम (Old Tax Regime) में टैक्स का गणित
यदि आप अभी भी ओल्ड टैक्स रीजीम में हैं, तो आपके पास टैक्स बचाने के कई रास्ते खुले हैं:
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PPF और EPF (EEE स्टेटस): ये दोनों स्कीम्स EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटगरी में आती हैं। इनमें किया गया निवेश धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक टैक्स फ्री है, मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री है और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा भी टैक्स फ्री है। (ध्यान रखें कि EPF में ₹2.5 लाख सालाना की ब्याज टैक्स सीमा यहाँ भी लागू होती है)।
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NPS (अतिरिक्त ₹50,000 की छूट): ओल्ड रीजीम में एनपीएस आपको दोहरा फायदा देता है। धारा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के अलावा, आप धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यानी कुल ₹2 लाख तक की सीधी छूट।
तीनों रिटायरमेंट स्कीम्स की सीधी तुलना (At a Glance)
| फीचर्स / पैरामीटर | EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) | PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) | NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) |
| वर्तमान ब्याज/रिटर्न | ~8.25% (तयशुदा) | 7.1% (तयशुदा) | 10% से 12% (मार्केट लिंक्ड – अनुमानित) |
| 80C के तहत छूट | केवल ओल्ड रीजीम में | केवल ओल्ड रीजीम में | केवल ओल्ड रीजीम में |
| अतिरिक्त टैक्स छूट | कोई नहीं | कोई नहीं | ₹50,000 (80CCD-1B – केवल ओल्ड रीजीम) |
| एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन छूट | शामिल नहीं | लागू नहीं | Basic+DA का 14% तक (New व Old दोनों रीजीम में) |
| मैच्योरिटी पर टैक्स | 5 साल की सेवा के बाद पूरी तरह टैक्स फ्री | पूरी तरह टैक्स फ्री | 60% एकमुश्त रकम टैक्स फ्री, 40% से एन्युटी (पेंशन) खरीदना अनिवार्य जो टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल है. |
अंतिम निष्कर्ष: आपके लिए कौन सी स्कीम टैक्स में सबसे ज्यादा फायदा दिलाएगी?
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यदि आप 'New Tax Regime' में हैं: आपके लिए NPS (Corporate/Employer Model) टैक्स बचाने का सबसे अचूक हथियार है, क्योंकि धारा 80CCD(2) के तहत मिलने वाली 14% की कॉर्पोरेट छूट न्यू रीजीम में जीवित रहने वाली इकलौती निवेश छूट है।
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यदि आप 'Old Tax Regime' में हैं: आपके लिए NPS सबसे ज्यादा टैक्स फायदा दिलाएगी, क्योंकि यह आपको 80C के ऊपर ₹50,000 की एक्सक्लूसिव अतिरिक्त छूट देती है।
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सुरक्षित टैक्स-फ्री रिटर्न के लिए: लॉन्ग टर्म में बिना किसी रिस्क के पूरी तरह टैक्स फ्री (EEE) फंड बनाने के लिए PPF आज भी सबसे बेहतरीन और सुरक्षित शील्ड है। वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF ऑटोमैटिक वेल्थ जनरेटर का काम करता है।
स्मार्ट सलाह: एक आदर्श रिटायरमेंट पोर्टफोलियो वह है जिसमें EPF/PPF के जरिए सुरक्षित और फिक्स्ड फंड तैयार हो, और NPS के जरिए मार्केट-लिंक्ड इक्विटी ग्रोथ (Equity Growth) के साथ-साथ अधिकतम टैक्स सेविंग का लाभ उठाया जा सके।