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रोज कितनी शराब पीना है सुरक्षित? जानिए WHO की नई चेतावनी, स्टैंडर्ड ड्रिंक का गणित और लीवर पर होने वाला असर

अक्सर दोस्तों की महफिल में या सोशल गैदरिंग में यह बहस छिड़ जाती है कि 'रोजाना थोड़ी सी शराब पीना सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं होता' या फिर 'कम मात्रा में रेड वाइन या बीयर पीना दिल के लिए अच्छा है।' हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा गाइडलाइंस ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। WHO के मुताबिक, शराब (Alcohol) की कोई भी मात्रा सेहत के लिए पूरी तरह 'सुरक्षित' (Safe Limit) नहीं होती। शराब एक टॉक्सिक (विषैला) और कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला) पदार्थ है। इसका मतलब यह है कि आप जितनी कम या ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करते हैं, स्वास्थ्य जोखिम उसी अनुपात में घटता या बढ़ता है।

क्या होता है 'स्टैंडर्ड ड्रिंक' का गणित? पुरुषों और महिलाओं के लिए दिशानिर्देश

मेडिकल साइंस में शराब की मात्रा को मापने के लिए 'स्टैंडर्ड ड्रिंक' (Standard Drink) का इस्तेमाल किया जाता है। एक स्टैंडर्ड ड्रिंक में लगभग 10 से 14 ग्राम शुद्ध अल्कोहल होता है। अगर अलग-अलग पेयों के हिसाब से समझें तो:

  • बीयर: लगभग 330 से 350 मि.ली. (5% अल्कोहल)

  • वाइन: लगभग 140 से 150 मि.ली. (12% अल्कोहल)

  • हार्ड लिकर (विस्की, वोदका, रम, जिन): लगभग 30 से 40 मि.ली. का एक पेग (40% अल्कोहल)

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं (जैसे US Dietary Guidelines) के अनुसार, यदि कोई वयस्क शराब पीता ही है, तो पुरुषों के लिए दिन में अधिकतम 2 स्टैंडर्ड ड्रिंक और महिलाओं के लिए दिन में 1 स्टैंडर्ड ड्रिंक को 'मॉडरेट' या कम जोखिम वाली सीमा माना गया है। महिलाओं के शरीर में पानी की मात्रा पुरुषों से कम होने और एंजाइम अंतर के कारण अल्कोहल का असर उन पर अधिक तेजी से होता है।

रोजाना शराब पीने से शरीर के इन अंगों पर पड़ता है सीधा असर

चाहे मात्रा कम ही क्यों न हो, रोज शराब पीने की आदत शरीर के कई प्रमुख अंगों को नुकसान पहुंचाती है:

  • लीवर (यकृत): रोज शराब पीने से लीवर को अल्कोहल मेटाबोलाइज करने का समय नहीं मिलता, जिससे पहले फैटी लीवर (Fatty Liver), फिर हेपेटाइटिस और अंततः लीवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) का खतरा बन जाता है।

  • हृदय और ब्लड प्रेशर: नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), अनियमित धड़कन (Arrhythmia) और कार्डियोमायोपैथी का जोखिम बढ़ता है।

  • मानसिक स्वास्थ्य: शराब एक डिप्रेशेंट है। यह दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स को असंतुलित कर नींद में खलल, डिप्रेशन, एंग्जायटी और याददाश्त कमजोर करने का कारण बनती है।

  • कैंसर का खतरा: नियमित शराब के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर, माउथ और इसोफेगस (भोजन नली) के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

शराब की लत से बचने और सेहतमंद रहने के लिए जरूरी सलाह

यदि आप शराब पीते हैं, तो हफ्ते में कम से कम 3 से 4 दिन पूरी तरह 'अल्कोहल-फ्री' (Alcohol-Free Days) रखें ताकि आपके लीवर और शरीर के अन्य अंगों को खुद को रिकवर करने का समय मिल सके। शराब पीते समय खूब पानी पिएं, कभी भी खाली पेट शराब न पिएं और इसे तनाव मिटाने या नींद लाने का जरिया न बनाएं। अगर आपको रोजाना शराब पीने की तलब होती है या बिना ड्रिंक किए बेचैनी महसूस होती है, तो यह निर्भरता (Dependency) का संकेत है और आपको बिना देर किए किसी डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लेनी चाहिए।

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