मनोरंजन

आदिपुरुष असफल प्रयास था’, मनोज मुंतशिर ने मानी अपनी बड़ी गलती, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ से तुलना न करने की सलाह

बॉलीवुड और मनोरंजन जगत से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। फिल्म 'आदिपुरुष' के संवाद लिखकर तीखे विवादों और आलोचनाओं के घेरे में आए मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने आखिरकार इस फिल्म को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक हालिया साक्षात्कार में मनोज मुंतशिर ने खुलकर स्वीकार किया है कि 'आदिपुरुष' एक असफल प्रयास था और इस प्रोजेक्ट के दौरान उनसे कुछ गंभीर भूलें हुईं। उनकी यह स्वीकारोक्ति सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है और इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

फिल्म रिलीज के समय संवादों और प्रस्तुतिकरण को लेकर देश भर में भारी आक्रोश देखने को मिला था, जिसके बाद से ही मनोज मुंतशिर लगातार निशाने पर थे। अपने इस बयान में उन्होंने माना कि दर्शकों की भावनाओं को आहत करने वाले पहलुओं पर उनसे गलतियां हुईं, जिसके लिए उन्हें गहरा खेद है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पौराणिक या ऐतिहासिक विषय पर काम करते समय दर्शकों की आस्था का बेहद बारीकी से ध्यान रखना जरूरी होता है, और आदिपुरुष के मामले में इस मोर्चे पर चूक हुई थी।

इसके साथ ही मनोज मुंतशिर ने निर्देशक नितेश तिवारी की आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' को लेकर भी एक अहम सलाह दी है। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की है कि नितेश तिवारी की 'रामायण' की तुलना 'आदिपुरुष' से बिल्कुल न की जाए। उनका कहना है कि दोनों फिल्मों का विजन, मेकिंग और दृष्टिकोण पूरी तरह अलग है, इसलिए बिना किसी पूर्वग्रह के नई फिल्म को एक स्वतंत्र और बेहतरीन सिनेमाई प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए ताकि कलाकारों और निर्देशकों को उनका उचित सम्मान मिल सके।

मनोज मुंतशिर के इस कबूलनामे और बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री के गलियारों में एक बार फिर से पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्मों के निर्माण को लेकर बहस छिड़ गई है। जानकारों का मानना है कि उनकी यह स्वीकारोक्ति भविष्य के फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा सबक साबित होगी कि धार्मिक और सांस्कृतिक महाकाव्यों को पर्दे पर उतारते वक्त कितनी संवेदनशीलता और सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

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