दो साल से एक दायरे में बाजार, अब तेजी की उम्मीद? मार्केट एक्सपर्ट ने बताया आगे का नजरिया

भारतीय शेयर बाजार पिछले दो साल से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अब सुस्ती का दौर खत्म होने वाला है। शेयर बाजार के जानकारों और दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय से चली आ रही इस स्थिरता के बाद अब बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस संभावित उछाल के पीछे कौन से ट्रिगर काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी निवेश रणनीति में क्या बदलाव करने चाहिए।
सुस्त बाजार के पीछे के मुख्य कारण और ठहराव का दौर
पिछले 24 महीनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, लगातार बदलती ब्याज दरें और महंगाई के मोर्चों पर अनिश्चितता के कारण बाजार किसी एक बड़ी दिशा में नहीं बढ़ पाया। निफ्टी और सेंसेक्स ने कई बार नए रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हावी होने के कारण बाजार एक तय दायरे (Range-bound) में ही सिमट कर रह गया। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कंसोलिडेशन पीरियड (Consolidation Period) असल में बाजार के बेस को मजबूत करने का काम कर रहा है, जो आगे चलकर लंबी तेजी का आधार बनेगा।
क्या वाकई आने वाली है बड़ी तेजी? मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कॉरपोरेट अर्निंग्स (कंपनियों के तिमाही नतीजे) में सुधार, घरेलू निवेशकों (SIP inflows) की मजबूत हिस्सेदारी और देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों में तेजी इस बात का संकेत दे रही हैं कि बाजार अब ब्रेकआउट के लिए तैयार है। जब भी बाजार लंबे समय तक एक दायरे में रहता है, तो उसके बाद का मूव काफी शार्प और दमदार होता है। जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेत मिलते रहे, तो घरेलू बाजार नए मील के पत्थर छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
निवेशकों के लिए आगे की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?
इस बदलते माहौल में निवेशकों को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय लॉन्ग-टर्म विजन के साथ क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और चुनिंदा फार्मा सेक्टर के शेयरों में निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड्स और एसआईपी के जरिए अनुशासित निवेश बनाए रखना इस समय सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है ताकि बाजार के हर उतार-चढ़ाव का पूरा फायदा मिल सके।