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ईरान के डर से दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स ने बदला था विमान? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद खोला बड़ा राज

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन की यात्रा किसी दिलचस्प जासूसी फिल्म के घटनाक्रम से कम नहीं थी। राष्ट्रपति सार्वजनिक तौर पर अपने पारंपरिक एयरफोर्स वन विमान में सवार हुए थे, लेकिन उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों और व्हाइट हाउस के चुनिंदा अधिकारियों को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि ट्रंप रास्ते में चुपचाप विमान बदल चुके हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को गुपचुप तरीके से एक छोटे सैन्य विमान में शिफ्ट किया गया था, जिसके जरिए उन्होंने अपनी ब्रिटेन की यात्रा पूरी की। अब खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पूरे वाकये और विमान बदलने के राज से पर्दा उठा दिया है।

सीक्रेट सर्विस के निर्देशों पर उठाया गया कदम

विमान बदलने की इस पूरी घटना पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को बताया कि यह फैसला पूरी तरह से सीक्रेट सर्विस (सुरक्षा एजेंसी) के दिशा-निर्देशों पर आधारित था। ट्रंप ने कहा, "यह सब सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करता है। वे जो भी करना चाहते हैं, मैं बस वही करता हूं। मैं अपनी सुरक्षा एजेंसियों और सेना के फैसलों के हिसाब से चलता हूं। वे चाहते थे कि मैं एक अलग उड़ान और एक अलग विमान से यात्रा करूं।" उन्होंने आगे कहा कि हालांकि सुरक्षा का स्तर हर जगह एक समान था, लेकिन सुरक्षा बलों की इच्छा थी कि यह बदलाव किया जाए इसलिए उन्होंने वैसा ही किया। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे वही करते हैं जो उनकी सुरक्षा टीम कहती है, क्योंकि उन्हें अक्सर भारी धमकियां मिलती रहती हैं और उन्हें लगता है कि कोई गंभीर खतरा जरूर रहा होगा।

ईरान की धमकियों और सुरक्षा एजेंसियों की खुफिया रिपोर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की लगातार मिल रही गंभीर धमकियों के बाद यह असाधारण और अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई थी। तुर्किये एयरपोर्ट पर ट्रंप को बेहद गोपनीय तरीके से एक कैटरिंग वैन के जरिए एयरफोर्स वन से निकालकर छोटे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया था। इससे पहले उन्होंने कैमरों के सामने एयरफोर्स वन में प्रवेश किया था ताकि किसी को कोई संदेह न हो। ब्रिटेन पहुंचने के बाद ट्रंप वापस पुराने एयरफोर्स वन विमान से ही बाहर उतरते हुए दिखाई दिए, जिससे पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि आखिर यात्रा के बीच में यह अदला-बदली कैसे की गई।

अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सुरक्षा के लिए इस तरह की गोपनीय रणनीतिक अदला-बदली का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी भारत से पाकिस्तान की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद के संक्षिप्त ठहराव के लिए एयरफोर्स वन के बजाय एक साधारण और बिना पहचान वाले गल्फस्ट्रीम विमान का इस्तेमाल किया था।

यात्रा के दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से सवाल किया कि क्या ईरान की तरफ से एयरफोर्स वन को कोई सीधा और विश्वसनीय खतरा था, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि उन्हें हर समय धमकियों का सामना करना पड़ता है और वे हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। गौरतलब है कि ट्रंप के तुर्किये में ठहराव के दौरान अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में मालवाहक जहाजों पर ईरान समर्थित हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई करते हुए कई कड़े कदम उठाए थे, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क मोड पर थीं।

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