उत्तर प्रदेश

पूर्वांचल के रास्ते उत्तर प्रदेश में मानसून की जोरदार वापसी, 41 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़े मानसून ने अब पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के रास्ते दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम और टर्फ लाइन के असर के कारण प्रदेशभर में मानसूनी गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्तर प्रदेश के 41 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है।

पूर्वांचल से पूरे प्रदेश में एक्टिव हुआ मानसून का नया दौर

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूर्वी यूपी के जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को अब इस झमाझम बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह मानसूनी बारिश किसानों और खासतौर पर धान की फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।

इन जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज पूर्वांचल के गोरखपुर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या और अंबेडकर नगर समेत कई प्रमुख जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, बहराइच, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और झांसी समेत लगभग 41 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और वज्रपात (बिजली गिरने) का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

स्वतंत्रता दिवस तक ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश का यह नया दौर आगामी 17 से 18 अगस्त तक पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा। 14 से 17-18 अगस्त के दौरान पश्चिमी और पूर्वी दोनों ही संभागों के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से हमेशा के लिए निजात मिलेगी।

मौसम विभाग की सलाह और सावधानियां

खराब मौसम और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वज्रपात के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या कमजोर छप्परों के पास शरण न लें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कृषि कार्यों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।

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