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सोने की कीमतों में आई मामूली नरमी, 1.41 लाख रुपये पर पहुंचा भाव; जानिए आपके शहर में क्या है ताजा रेट

भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के बीच में कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। निवेश और आभूषणों के लिहाज से सबसे पसंदीदा मानी जाने वाली धातु सोने के दाम में गुरुवार, 13 अगस्त को मामूली कमजोरी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को सोने की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली थी, जिसके बाद आज बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के प्रभाव के चलते कीमतों में आंशिक गिरावट आई है। यदि आप भी आज के दिन सोने के गहने खरीदने का मन बना रहे हैं या भविष्य के लिए गोल्ड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो देश भर के प्रमुख सर्राफा बाजारों के इन ताजा आंकड़ों पर नजर डालना आपके लिए बेहद जरूरी है।

प्रमुख महानगरों और राज्यों में आज क्या चल रहा है सोने का भाव

गुरुवार के कारोबार के दौरान देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोने का रेट 1,41,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,55,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा और यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,42,440 रुपये रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट गोल्ड 1,54,400 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 1,41,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिका। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहाँ 24 कैरेट सोने की कीमत 1,54,630 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,41,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज की गई, जिसमें हल्की गिरावट देखने को मिली है।

सोने के भाव में गिरावट आने के पीछे के 3 मुख्य कारण

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की कीमतों में आई इस हल्की नरमी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक और पश्चिमी एशिया के तनाव में आई थोड़ी सी नरमी है, जिसकी वजह से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कुछ समय के लिए सुस्ती आ जाती है। दूसरा बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की चाल और कच्चे तेल के दामों में होने वाला उतार-चढ़ाव है, जो सर्राफा बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। तीसरा और अंतिम मुख्य कारण ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की जाने वाली मुनाफावसूली है; जब बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जाती हैं, तो निवेशक बिकवाली करके मुनाफा कमाते हैं, जिससे कीमतों में हल्का ठहराव या गिरावट आ जाती है।

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