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‘होंठ सूज जाते थे, शरीर पर पड़ते थे निशान’, एक्ट्रेस नेहल वडोलिया ने क्यों छोड़ दी बोल्ड इंडस्ट्री? बताई दर्दनाक आपबीती

ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर अपने बोल्ड और बेबाक किरदारों से रातों-रात पहचान बनाने वाली मशहूर अभिनेत्री नेहल वडोलिया ने एडल्ट व बोल्ड कंटेंट की दुनिया को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है। 'गंदी बात 3', 'मस्तराम' और 'विमला' जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज में काम कर चुकीं नेहल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बोल्ड इंडस्ट्री के काले सच और शूटिंग के दौरान झेले गए अपने दर्दनाक अनुभवों को साझा किया है। उनके इस खुलासे ने फिल्म और ओटीटी इंडस्ट्री में इंटिमेट सीन्स की शूटिंग के तौर-तरीकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बोल्ड सीन्स की शूटिंग के दौरान शारीरिक दर्द और चोटें

नेहल वडोलिया ने बताया कि पर्दे पर जो बोल्ड और रोमांटिक सीन्स दर्शकों को बहुत सहज या ग्लैमरस दिखते हैं, उनकी शूटिंग असल जिंदगी में अभिनेत्रियों के लिए बेहद दर्दनाक और तनावपूर्ण होती है। नेहल के मुताबिक, लगातार कई घंटों तक चलने वाले किसिंग और इंटीमेट सीन्स के कारण उनके होंठ सूज जाते थे और शरीर पर गहरे निशान व खरोंचें पड़ जाती थीं। कई बार को-एक्टर्स सीन में इतने खो जाते थे या आक्रामक हो जाते थे कि वे यह भूल जाते थे कि यह केवल एक एक्टिंग है, जिससे उन्हें अत्यधिक शारीरिक तकलीफ से गुजरना पड़ता था।

मानसिक तनाव और प्राइवेसी की कमी

शारीरिक दर्द के अलावा ऐसे सीन्स को शूट करते वक्त मानसिक प्रताड़ना भी कम नहीं होती थी। नेहल ने खुलासा किया कि कई प्रोडक्शन हाउस में सेट्स पर बुनियादी प्रोटोकॉल और प्राइवेसी का पालन नहीं किया जाता था। इंटीमेट सीन्स के दौरान भी सेट पर जरूरत से ज्यादा गैर-जरूरी लोग मौजूद रहते थे। हर समय असहज महसूस होने और खुद को वस्तु (ऑब्जेक्टिफाई) की तरह पेश किए जाने के अहसास ने उन्हें गहरे डिप्रेशन और एंग्जायटी में धकेल दिया था। शूटिंग के बाद वे अक्सर घंटों रोती थीं और खुद को अकेला महसूस करती थीं।

टाइपकास्ट होने का डर और काम की सीमितता

ओटीटी स्पेस में एक बार बोल्ड किरदार निभाने के बाद मेकर्स ने उन्हें केवल उसी जॉनर में सीमित करना शुरू कर दिया। नेहल के पास आने वाले ज्यादातर प्रोजेक्ट्स में केवल न्यूडिटी और बोल्डनेस की ही मांग की जा रही थी, जबकि उनकी अभिनय क्षमता को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा था। नेहल एक बहुमुखी अभिनेत्री के तौर पर मुख्यधारा (मेनस्ट्रीम) के टेलीविजन शोज और फिल्मों में सशक्त अभिनय करना चाहती थीं, लेकिन बोल्ड इमेज उनके करियर के आड़े आने लगी थी।

परिवार और समाज का दबाव

बोल्ड किरदारों के चलते नेहल को निजी जीवन में भी काफी आलोचनाओं और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा। उनके परिवार को रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के ताने सुनने पड़ते थे। इस तरह के कंटेंट से मिलने वाली बदनामी और निजी जीवन पर पड़ रहे नकारात्मक असर को देखते हुए नेहल ने यह कड़ा फैसला लिया कि वे अब कभी भी किसी वेब सीरीज या फिल्म में सीमा से अधिक बोल्ड या अश्लील दृश्य नहीं करेंगी।

टीवी और सार्थक सिनेमा में नई शुरुआत

अपने इस बोल्ड अतीत को पीछे छोड़ते हुए नेहल वडोलिया ने अब मुख्यधारा के टीवी धारावाहिकों और संजीदा वेब प्रोजेक्ट्स की ओर रुख किया है। वे 'श्रीकृष्ण' और 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' जैसे लोकप्रिय शोज में अपने अभिनय का हुनर दिखा चुकी हैं। नेहल का कहना है कि अब वे केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनेंगी जहां उनकी अदाकारी का सम्मान हो, न कि उनके शरीर का प्रदर्शन। उनका यह साहसिक कदम इंडस्ट्री में आने वाली नई अभिनेत्रियों के लिए एक बड़ा सबक है कि फेम के चक्कर में अपनी गरिमा और मानसिक शांति से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।

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