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NEET UG Counselling 2026: MCC ने बढ़ाई Round 1 Choice Filling की अंतिम तिथि, जानें चॉइस लॉकिंग का नया समय, सीट अलॉटमेंट रिजल्ट और कॉलेज रिपोर्टिंग का पूरा शेड्यूल

देशभर के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों नीट यूजी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) की मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के पहले चरण (Round-1) के लिए चॉइस फिलिंग (Choice Filling) और चॉइस लॉकिंग (Choice Locking) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। आधिकारिक पोर्टल mcc.nic.in पर जारी किए गए ताजा अपडेट के अनुसार, तकनीकी कारणों और छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि कोई भी मेधावी छात्र अपनी पसंद का मेडिकल कॉलेज चुनने से वंचित न रहे।

नीट यूजी राउंड 1 चॉइस फिलिंग की बढ़ी डेडलाइन: छात्रों को मिला अतिरिक्त मौका

संशोधित काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने पहले राउंड के लिए सफलतापूर्वक पंजीकरण और सिक्योरिटी फीस का भुगतान पूरा कर लिया है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी कॉलेज और कोर्स प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दे सकते हैं। इससे पहले चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की समयसीमा समाप्त होने वाली थी, लेकिन सर्वर पर छात्रों के भारी दबाव और कई राज्यों से आए आवेदनों के बाद कमेटी ने विंडो को विस्तार दिया है। इस अतिरिक्त समय का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारतीय राज्यों के उन हजारों छात्रों को मिलेगा जो ऑल इंडिया कोटा के तहत देश के शीर्ष मेडिकल संस्थानों का चयन करने के लिए अपनी प्रेफरेंस लिस्ट को दोबारा री-ऑर्डर (Re-order) करना चाहते थे।

चॉइस लॉकिंग का नया समय और 'ऑटो-लॉकिंग' का जरूरी नियम

एमसीसी द्वारा चॉइस लॉकिंग की सुविधा को सक्रिय कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने रजिस्टर्ड लॉगिन क्रेडेंशियल्स की मदद से अपनी चुनी हुई सीटों को फ्रीज और लॉक कर सकते हैं। काउंसलिंग नियमों के तहत, चॉइस लॉक करने के बाद छात्र अपनी प्राथमिकताओं में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।

यदि कोई अभ्यर्थी तय समयसीमा समाप्त होने तक अपनी पसंद के कॉलेजों को मैन्युअल रूप से लॉक करना भूल जाता है, तो एमसीसी के सिस्टम द्वारा उसकी अंतिम रूप से सेव की गई चॉइस को समयसीमा खत्म होते ही 'ऑटो-लॉक' (Auto-Lock) कर दिया जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्रों को सिस्टम के भरोसे बैठने के बजाय खुद अपनी प्राथमिकताओं की दोबारा जांच करके समय रहते 'Lock Choices' बटन पर क्लिक कर कन्फर्मेशन पेज का प्रिंटआउट निकाल लेना चाहिए।

15% AIQ, AIIMS, JIPMER और डीम्ड यूनिवर्सिटीज में 31 हजार से ज्यादा सीटें

एमसीसी की यह काउंसलिंग प्रक्रिया देश भर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों के साथ-साथ सभी 20 एम्स (AIIMS), जिपमर (JIPMER पुडुचेरी व कराईकल), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI), वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों की 100% सीटों पर सीधे प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही है।

पहले राउंड के तहत लगभग 31,728 से अधिक एमबीबीएस, बीडीएस और नर्सिंग सीटों का आवंटन किया जा रहा है। इस विशाल सीट मैट्रिक्स के कारण छात्रों के पास अपनी मेरिट और ऑल इंडिया रैंक (AIR) के अनुसार देश के किसी भी कोने में स्थित श्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने का समान अवसर मौजूद है।

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: MCC पोर्टल पर कैसे भरें और लॉक करें कॉलेज प्रेफरेंस

  • सबसे पहले मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।

  • होमपेज पर दिए गए 'UG Medical Counselling' सेक्शन पर क्लिक करें।

  • अपने नीट रोल नंबर, पासवर्ड और सुरक्षा पिन (Security PIN) के जरिए लॉगिन करें।

  • डैशबोर्ड पर 'Available Choices' पर जाकर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की सूची, सीट का प्रकार और कोर्स देखें।

  • 'Choice Filling' विकल्प पर क्लिक करें और अपनी प्राथमिकता के अनुसार कॉलेजों को ऊपर से नीचे (Priority Order) में व्यवस्थित करें।

  • कॉलेज जोड़ने के बाद 'Save & Continue' पर क्लिक करें ताकि डेटा सुरक्षित रहे।

  • अंत में 'Choice Locking' टैब पर जाएं, नियमों को स्वीकार करें, पासवर्ड दर्ज कर चॉइस लॉक करें और सबमिटेड चॉइस स्लिप को डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

चॉइस भरते समय न करें ये 4 बड़ी गलतियां: समझें सीट आवंटन का गणित

सीट आवंटन पूरी तरह से अभ्यर्थी की नीट रैंक, श्रेणी (Category) और उसके द्वारा दिए गए प्रेफरेंस ऑर्डर के आधार पर सॉफ्टवेयर द्वारा ऑटोमैटिक प्रोसेस किया जाता है। इसलिए चॉइस भरते समय इन सावधानियों का ध्यान रखें:

सीमित कॉलेज भरने से बचें: कई छात्र केवल 5-10 शीर्ष एम्स या बड़े कॉलेज भरकर छोड़ देते हैं। यदि आपकी रैंक थोड़ी पीछे है, तो ज्यादा से ज्यादा सरकारी और सुरक्षित विकल्प शामिल करें ताकि पहले राउंड में कोई न कोई सीट अवश्य आवंटित हो सके।

फीस स्ट्रक्चर और बॉन्ड पॉलिसी की अनदेखी: विशेष रूप से डीम्ड यूनिवर्सिटीज और कुछ राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वार्षिक ट्यूशन फीस और अनिवार्य सेवा बॉन्ड (Service Bond) अलग-अलग होते हैं। चॉइस लॉक करने से पहले संबंधित कॉलेज के बॉन्ड नियमों और हॉस्टल फीस की जानकारी एमसीसी ब्रोशर से जांच लें।

गलत कॉलेज कोड या कैंपस का चुनाव: एक ही नाम से मिलते-जुलते कई मेडिकल कॉलेज होते हैं। कॉलेज कोड, शहर और राज्य का नाम ध्यानपूर्वक देखकर ही प्रेफरेंस लिस्ट में जोड़ें।

अंतिम समय में घबराहट में फेरबदल: सोशल मीडिया पर चल रहे अनुमानों के आधार पर अपनी पहले से सोची-समझी लिस्ट को अंतिम मिनटों में न बदलें। अपनी प्राथमिकता सूची में हमेशा अपने ड्रीम कॉलेज को नंबर 1 पर रखें।

सीट अलॉटमेंट रिजल्ट, कटऑफ और कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग का पूरा शेड्यूल

चॉइस लॉकिंग विंडो बंद होने के बाद एमसीसी द्वारा डाटा प्रोसेसिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले राउंड का बहुप्रतीक्षित नीट यूजी सीट अलॉटमेंट रिजल्ट (NEET UG Round 1 Seat Allotment Result 2026) 19 अगस्त को आधिकारिक पोर्टल पर पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया जाएगा।

जिन अभ्यर्थियों को पहले चरण में सीट आवंटित होगी, उन्हें एमसीसी पोर्टल से अपना प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करना होगा। इसके बाद 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 के बीच आवंटित मेडिकल कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। 26 अगस्त को सभी मेडिकल संस्थान जॉइन करने वाले छात्रों के डेटा को ऑनलाइन सत्यापित कर एमसीसी को भेजेंगे।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट: एडमिशन के समय साथ रखें ये ओरिजिनल पेपर्स

आवंटित संस्थान में रिपोर्टिंग के समय अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ उनकी दो-दो सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी ले जाना अनिवार्य है:

  • NTA द्वारा जारी NEET UG 2026 एडमिट कार्ड और आधिकारिक स्कोरकार्ड/रैंक लेटर।

  • MCC प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर।

  • कक्षा 10वीं की अंकतालिका और प्रमाण पत्र (जन्मतिथि प्रमाण के लिए)।

  • कक्षा 12वीं की अंकतालिका और उत्तीर्ण प्रमाण पत्र।

  • वैध सरकारी पहचान पत्र (आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड या वोटर आईडी)।

  • न्यूनतम 8 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (वही फोटो जो नीट आवेदन फॉर्म में इस्तेमाल हुई थी)।

  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC-NCL/EWS) और दिव्यांगता प्रमाण पत्र (PwD यदि लागू हो) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी।

  • चरित्र प्रमाण पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और कॉलेज फीस के भुगतान का डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन चालान रसीद।

राउंड-1 में फ्री एग्जिट और अपग्रेडेशन का नियम: समझें अगला कदम

नीट यूजी काउंसलिंग की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि राउंड-1 में छात्रों को 'फ्री एग्जिट' (Free Exit) का विकल्प मिलता है। यदि किसी छात्र को पहले राउंड में कोई सीट मिलती है लेकिन वह उस कॉलेज में एडमिशन नहीं लेना चाहता, तो वह बिना किसी सिक्योरिटी मनी पेनल्टी के उस सीट को छोड़ सकता है।

यदि छात्र को सीट पसंद है लेकिन वह दूसरे राउंड में बेहतर कॉलेज की उम्मीद कर रहा है, तो वह पहले आवंटित कॉलेज में फीस जमा कर एडमिशन ले सकता है और वहां 'अपग्रेडेशन' (Willingness for Upgradation to Round 2) का फॉर्म भर सकता है। राउंड-2 में बेहतर सीट मिलने पर पहले राउंड की सीट स्वतः निरस्त हो जाती है और नई सीट पर दाखिला मिल जाता है। सभी उम्मीदवार निर्धारित समयसीमा से पहले अपनी चॉइस लॉक करें और आगामी अलॉटमेंट रिजल्ट के लिए पोर्टल पर नजर बनाए रखें।

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