नेपाल में भयंकर बाढ़ का तांडव: यूपी के इन जिलों में हाई अलर्ट, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए कड़े निर्देश

नेपाल में प्रकृति का भयंकर तांडव देखने को मिल रहा है जहां तिब्बती सीमा से सटे इलाकों में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। नेपाल की इस विनाशकारी बाढ़ के प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के संवेदनशील इलाकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सीएम योगी ने जताया दुख, महराजगंज और कुशीनगर में अलर्ट
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आए उफान और बाढ़ से हुई तबाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि भगवान पशुपतिनाथ से सभी की कुशलता की प्रार्थना है।
इसके साथ ही सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक एवं नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन को संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां तुरंत सुनिश्चित करने को कहा गया है।
तिब्बत क्षेत्र में बाढ़ से भारी तबाही, 100 से अधिक भारतीय लापता
नेपाल के कई हिस्सों में पानी का उफान गांवों और कस्बों तक पहुंच चुका है, जिससे सड़कों और पुलों का नामोनिशान मिट गया है। तेज बहाव में वाहन बहते नजर आए हैं, और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने भारत तथा चीन से आधिकारिक मदद की गुहार लगाई है।
नेपाली सेना ने नदी के किनारे बसे जिलों में पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। इस बीच आई एक और चिंताजनक सूचना के अनुसार, इस आपदा की चपेट में आने से 100 से अधिक भारतीय पर्यटकों के भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
बिहार के कई जिलों में भी मुख्य सचिव ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग
नेपाल की इस भयंकर बाढ़ का असर केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार में भी इसका हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए बिहार के मुख्य सचिव ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
बैठक में बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर समेत नेपाल की सीमा से सटी नदियों के सभी प्रभावित इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।