विदेश

रूस का भीषण ड्रोन स्ट्राइक: रणनीतिक गोदाम पर सटीक निशाना, 37 लोगों की मौत

युद्धग्रस्त क्षेत्र में उस वक्त भारी तबाही मच गई जब रूसी सेना द्वारा दागे गए आत्मघाती (कामिकेज़) ड्रोनों के एक बड़े झुंड ने एक प्रमुख इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स गोदाम (Warehouse) को सीधे निशाना बनाया। इस अचानक और तीव्र हवाई हमले में गोदाम की मुख्य संरचना पूरी तरह ध्वस्त हो गई और एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस भीषण हमले में अब तक कम से कम 37 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर लगी भीषण आग और मलबे के भारी ढेर के चलते हताहतों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका बनी हुई है।

आग के विशाल गोले में तब्दील हुआ वेयरहाउस, धमाके से दहल उठा पूरा इलाका

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हमला आधी रात के बाद उस वक्त हुआ जब गोदाम परिसर में लॉजिस्टिक्स कर्मी और सुरक्षा बल नियमित कार्य में जुटे थे। हवा में सायरन बजते ही तेज गति से आ रहे ड्रोनों ने गोदाम की छत और मुख्य भंडारण क्षेत्र को निशाना बनाया। हमले के ठीक बाद गोदाम में रखे ज्वलनशील पदार्थों, ईंधन और तकनीकी उपकरणों में सिलसिलेवार विस्फोट होने लगे, जिससे पूरा परिसर आग के विशाल गोले में बदल गया। तेज धमाके के प्रभाव से आसपास की कई रिहायशी और वाणिज्यिक इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कंक्रीट का मलबा सैकड़ों मीटर दूर तक बिखर गया।

मलबे के नीचे जिंदगियों की तलाश: रातभर जारी रहा हाई-लेवल रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल विभाग, सेना की सर्च एंड रेस्क्यू विंग और पैरामेडिकल टीमें दर्जनों एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। आग की ऊंची लपटों और अत्यधिक धुएं के कारण बचाव दल को शुरुआत में परिसर के भीतर दाखिल होने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भारी क्रेन, बुलडोजर और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से ढहे हुए स्टील गार्डर और कंक्रीट स्लैब को हटाकर मलबे में दबे जीवित लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए दर्जनों नागरिकों को नजदीकी सैन्य व नागरिक अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

सप्लाई चेन और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

निशाना बनाया गया गोदाम क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण वितरण केंद्र था, जहां से नागरिक आपूर्ति, खाद्यान्न और तकनीकी साजो-सामान का संचालन किया जाता था। इस सटीक ड्रोन हमले से न केवल बहुमूल्य संपत्ति और मशीनरी पूरी तरह खाक हो गई, बल्कि क्षेत्रीय सप्लाई चेन को भी बड़ा झटका लगा है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र की बिजली और गैस आपूर्ति को एहतियातन बंद कर दिया है ताकि किसी द्वितीयक रासायनिक या गैस रिसाव के खतरे को टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ड्रोन के मलबे और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की श्रेणी की विस्तृत जांच कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं

नागरिक बुनियादी ढांचे और गोदाम पर हुए इस घातक हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब युद्धक्षेत्र में अपनी रणनीति बदलते हुए लॉजिस्टिक्स नोड्स, भंडारण केंद्रों और शहरी सप्लाई लाइनों को पंगु बनाने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन झुंड (Drone Swarms) का इस्तेमाल कर रहा है। हमले के बाद क्षेत्रीय वायु रक्षा कमान (Air Defence Command) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील ठिकानों के इर्द-गिर्द अतिरिक्त एंटी-ड्रोन जैमर्स और मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं।

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