उत्तर प्रदेश

मर्डर से चार दिन पहले मिली थी जान से मारने की धमकी, बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उतारा मौत के घाट

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील शहर मेरठ में अपराध का ग्राफ एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ता हुआ नजर आ रहा है, जिससे आम जनता और व्यापारियों के दिलों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है। मेरठ के एक चर्चित इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े या सुनसान रास्ते पर एक युवक को सरेआम गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान नितिन के रूप में हुई है, जिसके परिवार और पुलिस सूत्रों से सामने आई शुरुआती जानकारियों ने इस पूरे हत्याकांड को और अधिक खौफनाक बना दिया है। हत्या की इस खौफनाक वारदात के सामने आने से पहले ही एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला सच यह है कि इस घटना से ठीक चार दिन पहले ही मृतक नितिन को किसी अज्ञात या पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की गंभीर धमकियां मिल चुकी थीं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मेरठ पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की गहन छानबीन में जुट गए हैं, जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मेरठ में हुई इस निर्मम हत्या के पीछे की हैरान कर देने वाली पृष्ठभूमि

अपराध और अपराधियों के गढ़ बनते जा रहे इलाकों में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बदमाशों ने इस पूरी घटना को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया है। प्रारंभिक पुलिस जांच और परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, नितिन और उसके आस-पास के कुछ स्थानीय तत्वों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे रंजिश का रूप ले चुका था। हत्या की इस घटना से ठीक चार दिन पहले आरोपियों ने नितिन को फोन पर या आमने-सामने मिलकर जान से खत्म कर देने की खुली धमकी दी थी, जिसे उस समय शायद परिवार ने इतनी गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन बदमाशों ने अपनी उस धमकी को महज चार दिनों के भीतर ही सच साबित कर दिखाया और मौका मिलते ही नितिन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शरीर में कई गोलियां लगने के कारण नितिन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर उसे जिंदा छोड़ने के इरादे से नहीं आए थे बल्कि वे किसी पुरानी दुश्मनी का खूनी बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ आए थे।

ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज से दहल गया पूरा इलाका और मची भगदड़

घटना के दिन जब नितिन अपने किसी काम से बाहर था या अपने ठिकाने के पास मौजूद था, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने बिना किसी बात के बहस करने के सीधे नितिन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे आसपास के इलाके में अचानक भगदड़ मच गई। गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से हथियार लहराते हुए मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद जब स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ पड़े नितिन को देखा, तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई और घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मेरठ में बदमाशों के दिलों से पुलिस का खौफ क्यों पूरी तरह से खत्म होता जा रहा है।

पुलिस प्रशासन की ताबड़तोड़ दबिश और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम जारी

वारदात की सूचना मिलते ही मेरठ जोन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी और संबंधित थाने की फोर्स भारी अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि आरोपियों का कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, जिसमें हमलावरों के आने और भागने के रास्ते साफ-साफ कैद होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो जिले के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं और शूटरों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।

लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों से सहमा मेरठ और लोगों में भारी आक्रोश

मेरठ और उसके आसपास के जिलों में पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार से सरेआम गोलियां चलने, हत्या और फिरौती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, उससे आम नागरिकों और व्यापारियों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने चार दिन पहले मिली धमकी के मामले में ही थोड़ी सख्ती दिखाई होती और समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद आज नितिन की जान इस तरह से न जाती। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि पुलिस के खुफिया तंत्र और जमीनी पुलिसिंग में अभी भी कई बड़ी कमियां मौजूद हैं, जिनका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति से निपटा जा सके, लेकिन नितिन के घर में पसरा मातम और न्याय की गुहार लगा रहे परिजनों के आंसू इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इस खूनी खेल ने एक हंसते-खेता परिवार को पूरी तरह से उजाड़ कर रख दिया है।

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