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क्रेडिट कार्ड बंद करा दिया, फिर भी CIBIL में दिख रहा ‘Active’? सिबिल स्कोर गिरने से पहले ऐसे ठीक कराएं यह गंभीर गलती

अक्सर लोग इस्तेमाल न होने वाले क्रेडिट कार्ड को बैंक कस्टमर केयर पर कॉल करके या ऐप के जरिए बंद करवा देते हैं और यह मान लेते हैं कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन हफ्तों या महीनों बाद जब वे अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं, तो वह बंद किया गया खाता क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian, CRIF High Mark) के रिकॉर्ड में अब भी 'Active' या 'Open' दिखाई देता है। कई मामलों में तो बकाया राशि शून्य होने के बावजूद यह आपकी कुल क्रेडिट लिमिट और 'अकाउंट्स इन हैंड' में जुड़ता रहता है।

यह स्थिति आपके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है:

  • लोन अप्रूवल में अड़चन: जब आप नया होम लोन या पर्सनल लोन लेने जाते हैं, तो बैंक आपकी कुल ओपन क्रेडिट लाइन्स देखकर यह मानते हैं कि आप पर अत्यधिक उधारी (Over-leveraged) का जोखिम है।

  • अनपेक्षित शुल्क और फ्रॉड रिस्क: यदि खाता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और बैकएंड पर कोई वार्षिक शुल्क या अप्रत्यक्ष चार्ज कट गया, तो वह समय पर न चुकाए जाने के कारण 'डिफ़ॉल्ट' या 'ओवरड्यू' बन सकता है, जिससे आपका सिबिल स्कोर 50 से 100 अंक तक लुढ़क सकता है।

ऐसा क्यों होता है? बैंक और क्रेडिट ब्यूरो के बीच का टाइम-गैप

क्रेडिट कार्ड बंद होने के बावजूद सिबिल में एक्टिव दिखने के मुख्य रूप से दो कारण होते हैं:

  1. रिपोर्टिंग साइकल (30 से 45 दिनों का समय): बैंक और एनबीएफसी हर महीने एक निश्चित तिथि पर ही क्रेडिट ब्यूरो को अपने ग्राहकों का डेटा साझा करते हैं। यदि आपने कार्ड 5 तारीख को बंद कराया और बैंक का डेटा 30 तारीख को जाता है, तो अगले महीने के पहले सप्ताह तक रिपोर्ट अपडेट नहीं होगी।

  2. बैंक की ओर से तकनीकी या क्लर्कियल चूक: ग्राहक सेवा प्रतिनिधि ने कार्ड को 'सस्पेंड' या 'ब्लॉक' तो कर दिया, लेकिन कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) में उसे स्थायी तौर पर 'Closed' मार्क करके ब्यूरो को रिपोर्ट नहीं भेजा।

सिबिल में स्टेटस सही कराने के लिए 4 जरूरी कदम

1. बैंक से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' (NOC) या क्लोजर कन्फर्मेशन हासिल करें

सिर्फ मौखिक आश्वासन या एसएमएस पर भरोसा न करें। कार्ड बंद होने के बाद अपने जारीकर्ता बैंक (SBI, HDFC, ICICI, आदि) से औपचारिक NOC (No Objection Certificate) या Account Closure Letter मांगें। इसमें स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि:

  • कार्ड खाता संख्या के तहत कोई बकाया (Outstanding Balance) नहीं है।

  • खाता स्थायी रूप से बंद (Closed) कर दिया गया है। यह दस्तावेज किसी भी कानूनी या सिबिल विवाद के लिए आपका सबसे बड़ा प्राथमिक प्रमाण होता है।

2. जारीकर्ता बैंक के कस्टमर ग्रीवेंस सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज करें

यदि कार्ड बंद हुए 45 दिन से अधिक का समय बीत चुका है और रिपोर्ट में बदलाव नहीं हुआ है, तो बैंक को ईमेल भेजें:

  • कार्ड का प्रकार, अंतिम 4 अंक और क्लोजर रिक्वेस्ट नंबर का उल्लेख करें।

  • सिबिल रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट संलग्न करें जहां खाता अब भी 'Active' दिख रहा है।

  • बैंक से मांग करें कि वे अपने क्रेडिट ब्यूरो रिपोर्टिंग सेल को तुरंत निर्देश देकर अगले 15 दिनों में स्टेटस को 'Closed' अपडेट करवाएं।

3. CIBIL पोर्टल पर 'Online Dispute' दर्ज करें

बैंक को सूचित करने के साथ-साथ आप सीधे सिबिल की वेबसाइट पर भी त्रुटि सुधार के लिए डिस्प्यूट फाइल कर सकते हैं:

  1. सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट (cibil.com) पर जाएं और अपने यूजरनेम-पासवर्ड से लॉग इन करें।

  2. 'Credit Reports' सेक्शन में जाएं और 'Dispute Center' विकल्प चुनें।

  3. 'Dispute an Item' पर क्लिक करें और संबंधित बैंक के क्रेडिट कार्ड खाते को चुनें।

  4. 'Account Status' या 'Ownership Details' श्रेणी में जाकर शिकायत का चयन करें और लिखें कि यह खाता बंद कराया जा चुका है, इसे 'Closed' मार्क किया जाए।

  5. बैंक द्वारा जारी की गई एनओसी (NOC) या ईमेल कन्फर्मेशन को प्रमाण के तौर पर अपलोड करें और डिस्प्यूट सबमिट कर दें। सिबिल आपको एक 9-अंकीय डिस्प्यूट आईडी (Dispute ID) देगा।

4. 30 दिन में समाधान न होने पर आरबीआई ओम्बड्समैन (RBI Ombudsman) का दरवाजा खटखटाएं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, क्रेडिट संस्थानों और क्रेडिट ब्यूरो को ग्राहक द्वारा दर्ज कराई गई त्रुटियों का निवारण अधिकतम 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। यदि 30 दिन बीत जाने के बाद भी बैंक या सिबिल आपकी रिपोर्ट में स्टेटस को 'Closed' अपडेट नहीं करते हैं, तो आप बिना किसी शुल्क के आरबीआई के ऑनलाइन सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर बैंकिंग लोकपाल (RBI Banking Ombudsman) के पास सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मामलों में बैंक पर हर्जाना भी लगाया जा सकता है।

कार्ड बंद करने के बाद क्या न करें?

क्रेडिट कार्ड का अकाउंट क्लोजर लेटर मिलने तक अपने पुराने क्रेडिट कार्ड को नष्ट न करें और न ही बैंक से आने वाले स्टेटमेंट ईमेल को बिना देखे डिलीट करें। कम से कम दो बिलिंग साइकिल तक यह जांचते रहें कि खाते पर ₹0 का बिल आ रहा है या नहीं।

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