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दिल्ली-NCR में सांस लेना हुआ दूभर: AQI 300 के पार पहुंचते ही GRAP-2 लागू

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में वायु गुणवत्ता का स्तर तेजी से गिरकर 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली के कई निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 250 से 327 के पार दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण यानी ग्रैप-2 (GRAP-2) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। हवा में धूल कणों और पराली के धुएं के मिश्रण से वातावरण में छाई घनी स्मॉग की चादर को देखते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल जैसी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

50% वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी और कार्यालयों के समय में बदलाव

सड़कों पर वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं:

  • निजी व सरकारी कार्यालयों में 50% WFH: दिल्ली और एनसीआर के सभी निजी कॉरपोरेट दफ्तरों और सरकारी संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) की अनुमति दें।

  • फ्लेक्सिबल टाइमिंग: शेष 50 प्रतिशत स्टाफ के आवागमन के समय में फेरबदल करने को कहा गया है ताकि पीक आवर्स के दौरान सड़कों पर गाड़ियों का भारी दबाव न बने।

  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग: नागरिकों से निजी वाहनों, विशेष रूप से डीजल कारों का उपयोग सीमित कर मेट्रो और सीएनजी बसों से यात्रा करने की अपील की गई है।

निर्माण कार्यों पर रोक और गैर-जरूरी गतिविधियों पर ताला

हवा में सूक्ष्म कणों (PM2.5 और PM10) के फैलाव को रोकने के लिए व्यापक प्रतिबंध लगाए गए हैं:

  1. कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन पर ब्रेक: धूल पैदा करने वाली सभी गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों (Dust-generating Construction Work) पर पूर्ण विराम लगा दिया गया है। केवल राष्ट्रीय सुरक्षा, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल और आपातकालीन जनसुविधा से जुड़ी परियोजनाओं को ही सख्त एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव की शर्तों के साथ काम करने की छूट दी गई है।

  2. एंटी-स्मॉग गन और स्प्रिंकलर अनिवार्य: निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर भारी जुर्माना लगाने और साइट सील करने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. सड़कों की वैक्यूम स्वीपिंग: नगर निगमों को प्रमुख सड़कों पर दिन में दो बार मशीनीकृत सफाई (Mechanical Sweeping) और सीवेज-ट्रीटेड पानी का निरंतर छिड़काव करने का आदेश मिला है।

होटल-ढाबों में कोयले-तंदूर पर पाबंदी और डीजल जनरेटर पर सख्ती

प्रतिबंधित गतिविधि / क्षेत्र लागू किए गए कड़े नियम व शर्तें
डीजल जनरेटर (DG Sets) आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल, मेट्रो, लिफ्ट) को छोड़कर औद्योगिक व वाणिज्यिक उपयोग पर पूरी रोक
कोयला और जलाऊ लकड़ी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और खुली खानपान की दुकानों में कोयले व तंदूर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध
गैर-BS-VI डीजल गाड़ियां दिल्ली की सीमाओं पर गैर-बीएस-VI डीजल वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर सख्त नाकाबंदी व चालान
कूड़ा जलाना (Garbage Burning) खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर शून्य सहनशीलता; ड्रोन और फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा पैनी निगरानी

अस्पतालों में बढ़े सांस और एलर्जी के मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी

हवा में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पल्मोनोलॉजिस्ट्स ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिल व अस्थमा के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार, सुबह और देर शाम के समय वॉक या आउटडोर वर्कआउट से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इस समय स्मॉग जमीन की सतह के बेहद करीब रहता है। जब भी घर से बाहर निकलना अनिवार्य हो, उच्च गुणवत्ता वाले एन-95 (N95) मास्क का ही प्रयोग करें और घर के भीतर खिड़कियां बंद रखकर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।

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