व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने मनाई भव्य दिवाली, भारतीय उद्यमी ने गिफ्ट की हनुमान चालीसा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार व्हाइट हाउस में भारतीय समुदाय के साथ बेहद उत्साह और गर्मजोशी के बीच दिवाली का पर्व मनाया। ओवल ऑफिस में आयोजित इस पारंपरिक दीपोत्सव कार्यक्रम में अमेरिका के कई प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हुए। इसी विशेष मौके पर जाने-माने भारतीय उद्यमी विशाल गोंडल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ 'हनुमान चालीसा' की एक प्रति उपहार स्वरूप भेंट की। इस दौरान दुनिया भर में शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। व्हाइट House में इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों की एक खूबसूरत बानगी पेश करते हैं, लेकिन इसके साथ ही अमेरिका में रह रहे प्रवासियों के सामने खड़े गंभीर मुद्दों पर भी बहस छिड़ गई है।
सांस्कृतिक आयोजनों के बीच प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल
एक तरफ जहां व्हाइट हाउस में दीयों की रोशनी और भारतीय संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी धरती पर लगातार बढ़ रही नस्लीय हिंसा, हेट क्राइम और हेट स्पीच ने भारतीय डायस्पोरा की नींद उड़ाई हुई है। अमेरिका के विभिन्न राज्यों से आए दिन भारतीय मूल के नागरिकों, छात्रों और दुकानदारों पर हमलों की खबरें सामने आती रहती हैं। हाल के दिनों में कुछ दक्षिणपंथी और उग्रवादी समूहों द्वारा प्रवासियों को निशाना बनाने की घटनाओं ने भारतीय-американिस समुदाय के भीतर असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है। लोग अब खुलकर यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या व्हाइट हाउस के इन हाई-प्रोफाइल सांस्कृतिक आयोजनों से जमीनी स्तर पर भारतीय प्रवासियों के खिलाफ होने वाली नस्लीय हिंसा पर कोई प्रभावी लगाम लग पाएगी या यह राजनीति और कूटनीति का महज एक दिखावा बनकर रह जाएगा।
क्या ट्रंप प्रशासन नस्लीय और हेट क्राइम्स के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा?
अमेरिका में रहने वाले लाखों भारतीय, जो डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, और बड़े कारोबारी के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं, वे लंबे समय से अपनी सुरक्षा को लेकर पुख्ता कानूनों की मांग करते आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि केवल दीवाली मनाने या सांस्कृतिक मंचों पर सांकेतिक सराहना करने से प्रवासियों के खिलाफ बढ़ रहे पूर्वाग्रह और घृणा अपराधों को नहीं रोका जा सकता है। इसके लिए अमेरिकी प्रशासन को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बेहद सख्त रवैया अपनाना होगा और हेट क्राइम के मामलों में त्वरित तथा कठोर सजा का प्रावधान सुनिश्चित करना होगा। भारतीय समुदाय उम्मीद कर रहा है कि व्हाइट हाउस के शीर्ष नेतृत्व तक सीधे पहुंच और हनुमान चालीसा जैसे पवित्र ग्रंथों के आदान-प्रदान जैसे आध्यात्मिक पलों के बाद, अमेरिकी सरकार भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखेगी ताकि कोई भी नस्लीय ताकत उनके आत्मसम्मान और जीवन को ठेस न पहुँचा सके।