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Income Tax Alert: कल से बज सकती है आपके फोन की घंटी! विदेश में है कमाई तो हो जाएं सावधान

Income Tax Notice: क्या आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर दिया है? अगर हां, तो एक बार रुकिए और सोचिए- कहीं आपने विदेश में जमा कोई पैसा, कोई छोटा-सा निवेश या कोई प्रॉपर्टी तो नहीं छुपा ली? अगर जवाब ‘हां’ है, तो ये खबर आपके लिए खतरे की घंटी है।इनकम टैक्स विभाग अब बहुत सख्त हो गया है। उन करदाताओं (Taxpayers) की एक खास लिस्ट तैयार की गई है, जिन्होंने अपने रिटर्न में विदेशी संपत्तियों (Foreign Assets) का ब्योरा नहीं दिया है। विभाग ने इसे ‘हाई-रिस्क’ यानी खतरे वाली कैटेगरी में डाल दिया है और 28 नवंबर (कल) से इन लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी है।आइये, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और आपको क्या करना चाहिए।कल से शुरू होगा SMS और ईमेल का दौरइनकम टैक्स विभाग ने साफ कर दिया है कि 28 नवंबर से वो एक विशेष अभियान शुरू कर रहे हैं। जिन लोगों ने अपनी विदेशी कमाई छुपाई है, उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर मैसेज भेजे जाएंगे।घबराने की बात तब है, जब आप इस मैसेज को इग्नोर (अनदेखा) करेंगे। विभाग का मकसद आपको जेल भेजना नहीं, बल्कि एक मौका देना है। मैसेज में सलाह दी जाएगी कि 31 दिसंबर 2025 तक आप अपना रिटर्न (Revised ITR) दोबारा भरें और अपनी गलती सुधार लें। अगर आपने ऐसा कर दिया, तो आप किसी भी कानूनी पचड़े या दंड से बच जाएंगे।सरकार को कैसे पता चलता है आपका ‘राज’?शायद आपको लगे कि विदेश में पड़ा पैसा या शेयर सरकार को कैसे दिखेगा? लेकिन गलतफहमी में मत रहिएगा। आज का सिस्टम बहुत हाई-टेक है।भारत सरकार के पास ‘ऑटोमैटिक सूचना आदान-प्रदान’ (AEOI) नाम का एक सिस्टम है। इसके तहत दुनिया भर के कई देशों के साथ समझौते हैं। अगर आपका विदेश में बैंक खाता है, कोई इंश्योरेंस पॉलिसी है, शेयर बाजार में पैसा है या कोई भी प्रॉपर्टी है, तो वो देश खुद ब खुद ये डेटा भारत सरकार को भेज देते हैं। जब इनकम टैक्स विभाग आपके द्वारा भरे गए ITR और विदेश से मिले डेटा का मिलान करता है और गड़बड़ी पाता है, तो तुरंत नोटिस जारी कर देता है।पिछले साल हज़ारों लोग पकड़े गए थेआपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है। पिछले साल भी विभाग ने ऐसा ही एक अभियान चलाया था और वो जबरदस्त सफल रहा था।उस वक्त डेटा मिलने के बाद लगभग 24,000 से ज्यादा लोगों ने अपनी गलती मानी थी और अपना ITR सुधारा था। यकीन मानिये, उस समय 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ था। इसी सफलता को देखते हुए सरकार अब और भी सख्ती से इसे लागू कर रही है।छिपाना पड़ेगा बहुत महंगा!अगर नोटिस मिलने के बाद भी कोई करदाता अपनी विदेशी संपत्ति का खुलासा नहीं करता है, तो अंजाम बुरा हो सकता है। इनकम टैक्स एक्ट और ‘ब्लैक मनी एक्ट 2015’ के तहत इसे अपराध माना जाता है। ऐसे में न केवल भारी-भरकम टैक्स और ब्याज देना पड़ सकता है, बल्कि 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल जाने की नौबत भी आ सकती है।हमारी सलाहइनकम टैक्स विभाग का कहना है कि वे चाहते हैं कि लोग ईमानदारी से टैक्स भरें। इसलिए अगर आपके पास 28 नवंबर के बाद कोई भी ऐसा मैसेज आता है, तो डरे नहीं। सीधे अपना ITR चेक करें और 31 दिसंबर से पहले संसोधित रिटर्न (Revised ITR) दाखिल कर दें। ‘छुपाने’ से बेहतर है ‘बता देना’, इसी में आपकी और आपके परिवार की भलाई है।

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