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Manipur Politics : युमनाम खेमचंद सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, क्या मणिपुर में खत्म होगा जातीय तनाव?

News India Live, Digital Desk: मणिपुर की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। लंबे समय से चल रहे राष्ट्रपति शासन के अंत के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्पीकर युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इंफाल के लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।खेमचंद सिंह के साथ ही राज्य में जातीय संतुलन साधने की कोशिश करते हुए दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं। कूक-ज़ो समुदाय से नेमचा किपगेन (Nemcha Kipgen) और नागा समुदाय से लोसी दिखो (Losii Dikho) ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है।राष्ट्रपति शासन का अंत और नई सरकार का उदयमणिपुर में पिछले साल फरवरी से लागू राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) को बुधवार को आधिकारिक रूप से हटा लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे और राज्य में भड़की जातीय हिंसा के बाद से ही यहां निर्वाचित सरकार नहीं थी। युमनाम खेमचंद सिंह, जो अपनी मिलनसार छवि और मार्शल आर्ट्स (तायक्वोंडो) में ब्लैक बेल्ट होने के लिए जाने जाते हैं, अब राज्य की कमान संभालेंगे।कूक-ज़ो संगठनों का विरोध: ‘शटडाउन’ और ‘बहिष्कार’ की चेतावनीसरकार गठन के साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। कूक-ज़ो काउंसिल (KZC) और कूक इनपी मणिपुर (KIM) जैसे प्रभावशाली संगठनों ने इस नई सरकार का विरोध किया है। इन संगठनों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कूक-ज़ो विधायक जो इस सरकार में शामिल हो रहा है, वह अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर ऐसा कर रहा है।संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी ‘अलग प्रशासन’ (Separate Administration) की मांग पूरी नहीं होती, वे किसी भी सरकार को मान्यता नहीं देंगे। विरोध स्वरूप कई इलाकों में ‘टोटल शटडाउन’ और रैलियों का आह्वान किया गया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।क्या शांति की ओर बढ़ेगा मणिपुर?मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पदभार संभालते ही संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता राज्य के सभी 36 समुदायों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने कहा, “मणिपुर हम सबका है, और सभी समुदायों की भागीदारी ही यहाँ शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।” गौरतलब है कि खेमचंद सिंह ने हाल ही में राहत शिविरों का दौरा कर कूक समुदाय के लोगों से भी संवाद किया था, जिसे एक बड़े शांति प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।महत्वपूर्ण राजनीतिक समीकरणकुल सीटें: मणिपुर विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों (NPP, NPF, JD-U) के पास स्पष्ट बहुमत है।समावेशी सरकार: सरकार में मेइतेई, कूक और नागा तीनों प्रमुख समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।पहली महिला डिप्टी सीएम: नेमचा किपगेन मणिपुर की पहली महिला और कूक समुदाय से पहली उपमुख्यमंत्री बनी हैं।अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह नई सरकार मणिपुर के जख्मों पर मरहम लगा पाएगी या विरोध की यह आग और भड़केगी।

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