Aluminium Price Hike: वेस्ट एशिया की जंग से एल्युमीनियम में लगी ‘आग’, 6% उछले दाम; कार से लेकर हवाई जहाज तक सब होगा महंगा!

मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के बाद अब इसका असर ग्लोबल मेटल मार्केट पर भी दिखने लगा है। सोमवार, 30 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में 6% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। ईरान द्वारा वेस्ट एशिया की दो प्रमुख प्रोडक्शन साइट्स को निशाना बनाए जाने के बाद सप्लाई चेन पूरी तरह चरमराने की आशंका पैदा हो गई है। ऑटोमोबाइल, एविएशन और सोलर सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस मेटल की कीमतों में आई यह तेजी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक नया सिरदर्द बन सकती है।लंदन मेटल एक्सचेंज पर कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्डईरान के हमलों के बाद शुरुआती ट्रेडिंग में ही लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमीनियम के भाव 6% तक चढ़कर $3,492 प्रति टन के स्तर पर पहुंच गए। वेस्ट एशिया के इस तनाव ने न केवल मेटल की कीमतों को प्रभावित किया है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एल्युमीनियम कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी ला दी है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर सप्लाई में रुकावट लंबी खिंचती है, तो कीमतें $4,000 का स्तर भी छू सकती हैं।प्रमुख प्रोडक्शन प्लांट्स को पहुंचा ‘भारी नुकसान’वेस्ट एशिया की सबसे बड़ी मेटल प्रोड्यूसर कंपनी, एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (EGA) ने पुष्टि की है कि अबू धाबी स्थित उसके प्लांट को हमलों में “काफी नुकसान” पहुंचा है। वहीं, बहरीन की सरकारी कंपनी ALBA भी अपनी फैसिलिटी को हुए नुकसान का आकलन कर रही है। हालांकि, इन कंपनियों ने अभी यह साफ नहीं किया है कि प्रोडक्शन पूरी तरह रुका है या नहीं, लेकिन सप्लाई में कमी आने की खबरों ने दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर्स के बीच खलबली मचा दी है।होर्मुज स्ट्रेट में फंसी दुनिया की 9% सप्लाईदुनिया भर में एल्युमीनियम की कुल सप्लाई का लगभग 9% हिस्सा अकेले वेस्ट एशिया से आता है। युद्ध के पांचवें हफ्ते में प्रवेश करने के साथ ही इस सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा ‘होर्मुज स्ट्रेट’ में फंस गया है। कार, विमान और सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों के लिए यह स्थिति किसी बड़े झटके से कम नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाए, लेकिन प्लांट को हुए नुकसान की वजह से मार्केट में मेटल की भारी किल्लत बनी रह सकती है।भारत और वैश्विक बाजार पर क्या होगा असर?EGA जैसे बड़े स्मेल्टर से होने वाली सप्लाई रुकने का सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया के कंज्यूमर गुड्स पर पड़ेगा। एल्युमीनियम महंगा होने से स्मार्टफोन, लैपटॉप, गाड़ियां और कंस्ट्रक्शन मटेरियल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नियमों के चलते रीसाइक्लिंग प्लांट्स को फायदा तो हो रहा है, लेकिन कुल मिलाकर आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।