व्यापार

Crude Oil Price Hike: मिडिल ईस्ट में छिड़ी ‘महाजंग’ से कच्चे तेल में भयंकर उबाल, 116 डॉलर के पार पहुंचा भाव; क्या पेट्रोल-डीजल की बढ़ेंगी कीमतें?

ग्लोबल मार्केट से कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बेहद डराने वाली खबर सामने आ रही है। सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया, जिसने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब लाल सागर (Red Sea) में जंग का एक नया फ्रंट खुलने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर किए गए ताजा मिसाइल हमलों ने जलते हुए मिडिल ईस्ट के संघर्ष में घी डालने का काम किया है, जिससे ब्रेंट क्रूड का भाव $116 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है।हूती विद्रोहियों की एंट्री से बाजार में मचा हड़कंपताजा तनाव तब शुरू हुआ जब ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने वीकेंड पर इजरायल को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं। हूतियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगियों पर हमले बंद नहीं होते, वे अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। इस घोषणा के बाद सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी घंटों में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 3% की छलांग लगाकर $115.9 पर पहुंच गया, जो कुछ ही देर में $116.75 तक जा चढ़ा। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 3% से ज्यादा की बढ़त के साथ $103 प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है।सप्लाई रूट पर मंडराया ‘हार्ट अटैक’ जैसा खतरामार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लाल सागर का यह इलाका दुनिया की एनर्जी सप्लाई के लिए किसी ‘लाइफलाइन’ से कम नहीं है। हूतियों का जहाजों के रूट को बाधित करने का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, जिससे निवेशक डरे हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि सऊदी अरब के रेड सी एक्सपोर्ट हब ‘यानबू’ पर कोई हमला होता है, तो यह ग्लोबल तेल सप्लाई के लिए ‘हार्ट अटैक’ जैसा होगा। सऊदी का यह हब फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट के विकल्प के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन अब यह खुद हूतियों की मिसाइल रेंज में है।डोनाल्ड ट्रंप के बयान और अमेरिकी सेना की हलचल ने बढ़ाई टेंशनजियोपॉलिटिकल तनाव के बीच अमेरिका की सक्रियता ने भी बाजार को अस्थिर कर दिया है। पेंटागन द्वारा इलाके में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और ईरान में लंबे ग्राउंड ऑपरेशन की खबरों ने आग में तेल डालने का काम किया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने खलबली मचा दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के मुख्य एक्सपोर्ट हब ‘खार्ग आइलैंड’ पर कब्जा कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो तेहरान की तरफ से होने वाला जवाबी हमला पूरी दुनिया के लिए तेल संकट पैदा कर सकता है।क्या वाकई होगा सप्लाई का संकट?हालांकि तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल अभी वास्तविक सप्लाई की कमी के कारण नहीं, बल्कि ‘डर’ (Risk Premium) की वजह से है। जानकारों के अनुसार, जब तक जंग खाड़ी के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर या होर्मुज फ्लो तक नहीं फैलती, तब तक इसे केवल बाजार की अस्थिरता माना जाना चाहिए। फिर भी, $116 का स्तर यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में भारत सहित कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Back to top button