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Asian Markets Rebound: टेक शेयरों में आई तेजी से संभले एशियाई बाजार, दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 3% उछला; कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव, जानें भारतीय बाजारों का रुख

पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट और बिकवाली के दबाव के बाद आज एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार वापसी (Rebound) देखने को मिली है। वैश्विक बाजारों में प्रमुख टेक और सेमीकंडक्टर (चिपमेकर) कंपनियों के शेयरों में आई अचानक तेजी के दम पर निवेशकों की धारणा (Market Sentiment) में बड़ा सुधार हुआ है। इस कारोबारी सत्र में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) का रहा, जो करीब 3 प्रतिशत (लगभग 2.5% से 3% की बढ़त) तक उछल गया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर बने दबाव और मामूली नरमी ने भी एशियाई शेयर बाजारों को सहारा दिया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह रिकवरी टेक सेक्टर में नई जान फूंकने का काम कर रही है।

KOSPI में उछाल और टेक शेयरों में भारी खरीदारी

एशियाई बाजारों में आई इस तेजी की मुख्य वजह दुनिया की दिग्गज सेमीकंडक्टर और एआई-लिंक्ड (AI) कंपनियों के शेयरों में हुई तगड़ी लिवाली है:

  • दक्षिण कोरिया (KOSPI): सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हाइनिक्स (SK Hynix) जैसी दिग्गज चिपमेकर कंपनियों के शेयरों में आई जोरदार बढ़त से कोस्पी इंडेक्स 3% के करीब उछल गया। पिछले दिनों एआई बबल (AI Bubble) की आशंकाओं के चलते इन शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, लेकिन निचले स्तरों पर दोबारा वैल्यू बाइंग शुरू हुई है।

  • जापान और ताइवान: जापान का निकेई (Nikkei 225) और ताइवान का ताइपे (TAIEX) इंडेक्स भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। ताइवान की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी TSMC के शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूती मिली है।

  • चीन और हांगकांग: हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी सुस्त शुरुआत से उबरकर बढ़त बनाने में कामयाब रहे।

कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव से राहत

शेयर बाजारों के संभलने में कच्चे तेल (Crude Oil) की चाल ने भी अहम भूमिका निभाई है:

  • ब्रेंट क्रूड में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले दिनों $90 प्रति बैरल का स्तर पार करने वाला ब्रेंट क्रूड आज थोड़ा सुस्त हुआ है और इसमें करीब 0.5% से 1% तक की गिरावट दर्ज की गई है।

  • महंगाई और बॉन्ड यील्ड की चिंताएं: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव के बावजूद वैश्विक मांग में सुस्ती की चिंताओं के कारण कच्चे तेल पर दबाव बना हुआ है। तेल सस्ता होने से एशियाई देशों (विशेषकर भारत जैसे बड़े आयातक) के लिए महंगाई का खतरा थोड़ा कम हुआ है, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।

भारतीय शेयर बाजार (Sensex & Nifty) पर क्या होगा असर?

एशियाई बाजारों से मिले इन मजबूत और सकारात्मक संकेतों का सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। पिछले कुछ सत्रों से जारी उतार-चढ़ाव के बाद आज सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी (NSE Nifty 50) की शुरुआत हरे निशान के साथ होने की संभावना जताई जा रही है। आईटी (IT Sector) और टेक शेयरों में आने वाली यह तेजी भारतीय आईटी दिग्गजों (जैसे टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो) के लिए भी उत्प्रेरक (Catalyst) का काम कर सकती है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चालू तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों (Q1 Results) और भू-राजनीतिक अपडेट्स पर निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।

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