व्यापार

महंगाई का तगड़ा झटका! साबुन, तेल से लेकर बिस्किट तक सब होने वाला है महंगा; जानें क्यों बिगड़ने वाला है आपके घर का बजट

रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप भी घर का राशन लाते हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। देश में हर दिन इस्तेमाल होने वाले FMCG उत्पाद—जैसे नहाने का साबुन, खाने का तेल (Edible Oil) और सुबह की चाय के साथ खाया जाने वाला बिस्किट जल्द ही महंगे होने वाले हैं। दरअसल, कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों और उत्पादन की बढ़ती लागत ने FMCG (Fast Moving Consumer Goods) कंपनियों की रातों की नींद उड़ा दी है और अब इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।कच्चे माल की कीमतों में आया भारी उछालइस संभावित महंगाई के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे माल (Raw Materials) की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि है। बीते कुछ समय में पाम ऑयल (Palm Oil) से लेकर पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल तक के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। इन जरूरी चीजों के महंगे होने से कंपनियों की कुल उत्पादन लागत (Production Cost) बढ़ गई है। कंपनियों का स्पष्ट कहना है कि अगर कच्चे माल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो अपना मुनाफा बनाए रखने के लिए उनके पास प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के खर्च ने बढ़ाई टेंशनकेवल कच्चा माल ही नहीं, बल्कि सामान को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का खर्च भी इन दिनों कंपनियों की परेशानी का बड़ा सबब बना हुआ है। पेट्रोल-डीजल और ईंधन की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है। फैक्टरियों से दुकानों तक माल पहुंचाने की इस बढ़ी हुई लागत का अंतिम बोझ आखिरकार ग्राहकों को ही उठाना पड़ेगा।कंपनियों की ‘स्मार्ट’ रणनीति: पैकेट छोटा, दाम वहीसीधे तौर पर एमआरपी (MRP) बढ़ाकर ग्राहकों को नाराज करने से बचने के लिए कई कंपनियां फिलहाल दूसरी रणनीतियों पर काम कर रही हैं। वे सीधे दाम बढ़ाने की बजाय पैकेजिंग में बदलाव कर रही हैं—यानी उसी कीमत में उत्पाद का वजन या मात्रा कम कर दी गई है। इसके अलावा, पैकेट्स पर मिलने वाले डिस्काउंट और ऑफर्स में भी कटौती की जा रही है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक सिर्फ इस रणनीति से काम नहीं चलेगा और अंततः एमआरपी बढ़ाना ही पड़ेगा।आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा प्रहारइस महंगाई की सबसे गहरी मार आम जनता और मध्यम वर्ग के घरेलू बजट पर पड़ने वाली है। साबुन, तेल और बिस्किट जैसी चीजें हर घर की बुनियादी और रोजमर्रा की जरूरत हैं, जिन्हें खरीदना कोई टाल नहीं सकता। ऐसे में इन जरूरी सामानों के दाम बढ़ने से महीने का घरेलू बजट बुरी तरह से प्रभावित होगा।आगे क्या उम्मीद करें ग्राहक?विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ग्लोबल और घरेलू बाजार में कच्चे माल की कीमतों से जल्द कोई राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले कुछ ही महीनों में FMCG प्रोडक्ट्स की नई और बढ़ी हुई कीमतें देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल, सभी बड़ी कंपनियां बाजार की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर अपने मुनाफे व लागत की समीक्षा कर रही हैं।

Back to top button