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CDS जनरल अनिल चौहान का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल बाद अब भविष्य के युद्धों की तैयारी, थियेटर कमांड पर बनी सहमति

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के करीब हर्षिल और माणा गांव के दौरे के दौरान ‘आजतक’ से विशेष बातचीत की। उन्होंने अपने कार्यकाल, बदलती वैश्विक राजनीति और भविष्य की सैन्य चुनौतियों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना अब ‘अगले सिंदूर’ जैसी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रही है।’ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ और भविष्य की जंगजनरल अनिल चौहान ने कहा कि 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने जा रहा है। उन्होंने इस ऑपरेशन को आधुनिक युद्ध कौशल का एक अनूठा उदाहरण बताया।मल्टी-डोमेन वॉरफेयर: जनरल के अनुसार, यह ऑपरेशन जल, थल और वायु के साथ-साथ साइबर और स्पेस जैसे नए मोर्चों पर भी लड़ा गया था।सिचुएशनल अवेयरनेस: भविष्य के युद्धों को देखते हुए उन्होंने ‘सिचुएशनल अवेयरनेस’ (हालातों की सटीक जानकारी) और तीनों सेनाओं के बीच गहरे एकीकरण (Integration) पर जोर दिया।थियेटर कमांड: मतभेद दूर, अब अमल की बारीसेना में लंबे समय से लंबित थियेटर कमांड (Theater Command) के मुद्दे पर सीडीएस ने बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों सेनाओं (जल, थल और नभ) के बीच जो भी छोटे-मोटे मतभेद थे, उन्हें अब पूरी तरह सुलझा लिया गया है।”थियेटर कमांड भविष्य की चुनौतियों से निपटने का सबसे बेहतर सिस्टम है। हम जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाकर आगे बढ़ेंगे।” — जनरल अनिल चौहानसीमांत क्षेत्रों का विकास और ‘वाइब्रेंट विलेज’चीन सीमा पर स्थित गांवों के सामरिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए सीडीएस ने कई घोषणाएं कीं:म्यूजियम का निर्माण: हर्षिल और माणा में म्यूजियम बनाए जाएंगे ताकि देश के लोग सीमाओं और वहां तैनात रक्षकों के बारे में जान सकें।सांस्कृतिक गांवों का विकास: 1962 की जंग के दौरान विस्थापित हुए नेलांग और जड़ांग गांवों को सांस्कृतिक और पर्यटन गांवों के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है।आपदा प्रबंधन: धराली और हर्षिल में आई आपदा के बाद स्थानीय लोगों की मदद और पुनर्निर्माण के लिए सेना पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’न्यू नॉर्मल’ और 24×7 तैयारीजनरल चौहान ने भारतीय सेना की तत्परता को लेकर कहा कि हम एक ‘न्यू नॉर्मल’ (New Normal) के दौर में हैं। इसका अर्थ है कि सेना को साल के 365 दिन और 24 घंटे दुश्मन के खिलाफ बल प्रयोग के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने देहरादून में एक सैन्य थिंक टैंक बनाने का भी जिक्र किया, जो राष्ट्रीयता और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों पर काम करेगा।भावुक हुए जनरल चौहान: “लगा अपनी जड़ों से जुड़ गया”अपने पैतृक क्षेत्र के करीब पहुंचने पर जनरल चौहान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों और रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने का एहसास हुआ है।

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