Census 2026-27 Alert: सावधान! जनगणना के नाम पर घर आ सकते हैं ‘फर्जी कर्मचारी’, इन 3 तरीकों से ठग रहे हैं जालसाज

नई दिल्ली/लखनऊ: देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना 2026-27 की सुगबुगाहट शुरू होते ही साइबर अपराधी और ठग सक्रिय हो गए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने एक हालिया एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को आगाह किया है कि जनगणना के बहाने कुछ लोग आपकी संवेदनशील जानकारी चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं।शातिर ठग खुद को सरकारी ‘एन्युमरेटर’ (गणक) बताकर आपके घर पहुंच सकते हैं या आपको डिजिटल लिंक भेज सकते हैं। आइए जानते हैं इनसे बचने के तरीके।जालसाजों का ‘ठगी मॉडल’ (Modus Operandi)जालसाज मुख्य रूप से दो तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं:घर-घर जाकर (Physical Fraud): ठग गले में नकली आईडी कार्ड लटकाकर घर आते हैं। वे जनगणना का फॉर्म भरने के बहाने आपसे आपके आधार कार्ड की फोटोकॉपी, पैन कार्ड, और बैंक अकाउंट की जानकारी मांगते हैं।डिजिटल सेंधमारी (Digital Fraud): आपके फोन पर एक मैसेज या व्हाट्सएप लिंक आता है, जिसमें लिखा होता है— “जनगणना 2026 के लिए अपनी जानकारी यहाँ अपडेट करें।” जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपका फोन हैक हो सकता है या ओटीपी (OTP) के जरिए खाता खाली किया जा सकता है।असली और नकली अधिकारी की पहचान कैसे करें?सरकारी प्रगणक (Enumerator) और ठग के बीच फर्क करना बेहद जरूरी है:गोपनीयता का सम्मान: असली सरकारी अधिकारी आपसे जानकारी पूछेंगे, लेकिन वे कभी भी आपका एटीएम पिन (ATM PIN), बैंक पासवर्ड, या ओटीपी नहीं मांगेंगे।कोई फीस नहीं: जनगणना पूरी तरह मुफ्त और अनिवार्य सरकारी प्रक्रिया है। यदि कोई व्यक्ति इसके लिए ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ या पैसे मांगता है, तो समझ लीजिए कि वह ठग है।11 अंकों की आईडी: आधिकारिक प्रगणकों के पास सरकार द्वारा जारी 11 अंकों का यूनिक आईडी नंबर और एक वैध क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र होता है। बिना वेरिफिकेशन के किसी को घर के अंदर न आने दें।सुरक्षा के लिए ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ अपनाएंठगी से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपनी जानकारी खुद भरें:आधिकारिक पोर्टल: सरकार ने se.census.gov.in पोर्टल लॉन्च किया है। यहाँ आप स्वयं गणना (Self-Enumeration) कर सकते हैं।रेफरेंस आईडी: खुद जानकारी भरने के बाद आपको एक यूनिक आईडी मिलेगी। जब कोई अधिकारी आपके घर आए, तो आप बस वह आईडी दिखा दें, आपको दोबारा कोई जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।ठगी का शिकार होने पर क्या करें?यदि आपको कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या आप किसी फ्रॉड में फंस जाएं, तो बिना देरी किए निम्नलिखित कदम उठाएं:साइबर हेल्पलाइन: तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।पुलिस को सूचना: अपने नजदीकी वार्ड ऑफिस या पुलिस स्टेशन को संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचित करें।पोर्टल पर शिकायत: [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।