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Cholamandalam vs Tata Capital: किस NBFC पर टिकेगा बाजार का भरोसा? ब्रोकरेज ने बताया कहां होगी तगड़ी कमाई

भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में इस समय जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। बाजार के दो सबसे बड़े और भरोसेमंद नाम चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी (Cholamandalam) और टाटा कैपिटल (Tata Capital) इस समय निवेशकों के रडार पर हैं। दोनों ही कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड और मार्केट प्रेजेंस बेहद शानदार है, लेकिन मौजूदा बाजार सेंटिमेंट और आने वाले समय की ग्रोथ को देखते हुए निवेशक असमंजस में हैं कि आखिर किस शेयर में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

चोलामंडलम की ग्रामीण पकड़ और मजबूत एसेट क्वालिटी

चोलामंडलम की सबसे बड़ी ताकत इसका डाइवर्सिफाइड लोन पोर्टफोलियो और खासकर ग्रामीण व अर्ध-शहरी (Semi-urban) इलाकों में इसकी मजबूत पैठ है। व्हीकल फाइनेंस और होम लोन सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोलामंडलम ने विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में भी अपनी एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को मेंटेन रखा है। लोन डिस्ट्रीब्यूशन के मामले में कंपनी की डिजिटल रणनीति भी काफी कारगर साबित हो रही है, जिससे इसके ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार देखा जा रहा है।

टाटा कैपिटल का मजबूत कॉर्पोरेट बैकअप और तेज विस्तार

दूसरी तरफ, टाटा समूह की साख और भरोसा टाटा कैपिटल के साथ मजबूती से खड़ा है। टाटा कैपिटल रिटेल लोन, वेल्थ मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से अपने पैर पसार रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में कंपनी का आक्रामक विस्तार निवेशकों को काफी आकर्षित कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टाटा ग्रुप के इकोसिस्टम का फायदा मिलने के कारण टाटा कैपिटल को फंड जुटाने में आसानी होती है, जिससे यह प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर लोन ऑफर कर पाती है।

ब्रोकरेज फर्म्स की लेटेस्ट राय और आपके लिए निवेश का मंत्र

दिग्गज डोमेस्टिक और ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस ने दोनों कंपनियों के तिमाही नतीजों और भविष्य के रोडमैप का बारीकी से विश्लेषण किया है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर आप एग्रेसिव ग्रोथ और रूरल रिकवरी पर दांव लगाना चाहते हैं, तो चोलामंडलम एक बेहतरीन पिक हो सकती है। वहीं, अगर आप टाटा ब्रांड के भरोसे के साथ लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी और सेफ रिटर्न की तलाश में हैं, तो टाटा कैपिटल आपकी पहली पसंद होनी चाहिए। हालांकि, जानकारों की सलाह है कि किसी भी एनबीएफसी में बड़ी पोजीशन बनाने से पहले अपने पोर्टफोलियो के रिस्क मैनेजमेंट का खास ख्याल रखें।

 

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