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CJP Founder Attacked: जयपुर में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पर हमला; थप्पड़ मारने वाले 5 युवक डिटेन, मनीष सिसोदिया बोले- ‘भ्रष्ट राजा की गुंडों की सेना’

राजस्थान की राजधानी जयपुर से सोमवार को एक बेहद सनसनीखेज और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। देश की शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और नीट (NEET) पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक और युवा संयोजक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) पर भीड़ के बीच अचानक जानलेवा हमला कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि जब सीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक अभिजीत दीपके को अपने कंधे पर बैठाकर नारेबाजी करते हुए ले जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे कुछ अज्ञात युवकों ने अचानक उन पर धावा बोल दिया और उनके साथ मारपीट व थप्पड़बाजी शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले के बाद रैली में भगदड़ मच गई और सीजेपी समर्थकों ने हमलावर युवकों को मौके पर ही दबोचकर उनकी जमकर धुनाई कर दी। हालांकि, अभिजीत दीपके ने खुद बड़प्पन दिखाते हुए मंच से लाउडस्पीकर पर समर्थकों से अपील की कि हमला करने वाले युवकों को पीटना बंद कर तुरंत छोड़ दिया जाए।

जयपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: थप्पड़ मारने वाले 5 युवक हिरासत में

इस हाई-प्रोफाइल मारपीट कांड के बाद जयपुर के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने बीबीसी से बातचीत में पुष्टि की कि अभिजीत दीपके को सरेआम थप्पड़ मारने वाले शरारती तत्वों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दबोच लिया है।

डीसीपी राजर्षि राज वर्मा का आधिकारिक बयान: जयपुर दक्षिण के डीसीपी (DCP South) राजर्षि राज वर्मा ने इस घटनाक्रम की प्रशासनिक पुष्टि करते हुए बताया, "अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थप्पड़ मारने वाले तीन मुख्य आरोपियों समेत कुल पांच युवकों को पुलिस ने राउंड-अप (डिटेन) कर लिया है। हमारी स्पेशल टीमें पकड़े गए युवकों से गहन पूछताछ कर रही हैं और इस बात की बारीकी से जांच की जा रही है कि ये युवक किसी विशिष्ट राजनीतिक दल या छात्र संगठन के स्लीपर सेल से जुड़े हैं या नहीं।"

"हमला डर और कायरता की निशानी" — मारपीट के बाद बोले अभिजीत दीपके

जयपुर में हुई इस शारीरिक हिंसा के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक आधिकारिक और बेहद कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने लिखा:

अभिजीत दीपके का ट्वीट: "मुझ पर और हमारे कार्यकर्ताओं पर किया गया यह फ़िज़िकल अटैक असल में सत्ता के डर और कायरता की साफ निशानी है। वे हमारी शारीरिक शक्ति को दबा सकते हैं, लेकिन युवाओं की आवाज को नहीं। हम अपनी आवाज इसी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से उठाते रहेंगे। मैं महात्मा गांधी और बाबासाहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर का सच्चा अनुयायी हूं, इसलिए इस वैचारिक लड़ाई को शांति और प्यार से लड़ता रहूंगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।"

वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी एक्स पर हमलावरों की पहचान उजागर करने का दावा करते हुए लिखा कि दीपके पर हमला करने वाले सभी असामाजिक तत्व एक बड़ी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के पाले से जुड़े हुए हैं। उनके चेहरे सीसीटीवी और लाइव फुटेज में पूरी तरह पहचान लिए गए हैं और इन सभी शरारती तत्वों को जल्द ही देश के सामने बेनकाब किया जाएगा।

'आप' नेता मनीष सिसोदिया का तीखा हमला: "भ्रष्ट राजा की गुंडों की सेना"

अभिजीत दीपके पर जयपुर में हुए इस हमले की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने इस कायराना हरकत की तीखे शब्दों में आलोचना की।

मनीष सिसोदिया ने एक्स पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, "एक डरे हुए और पूरी तरह भ्रष्ट राजा की गुंडों की सेना यही कर सकती है। ये वही लोग और माफिया हैं जो देश में नीट (NEET) जैसे राष्ट्रीय स्तर के बड़े पेपर लीक करवाकर भारत के लाखों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में ढकेलते हैं। और अब जब देश का पीड़ित युवा सड़कों पर उतरकर शिक्षा मंत्री से सीधे इस्तीफ़े की मांग कर रहा है, तो ये कायर लोग उन पर भाड़े के गुंडों से हमले करवा रहे हैं। यह बेहद ही शर्मनाक और कायराना हरकत है।"

क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और कैसे हुई इसकी शुरुआत?

इंटरनेट और युवाओं के बीच इस समय सबसे बड़ी डिजिटल मूवमेंट बन चुकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' की वेबसाइट और इसके इतिहास पर नजर डालें तो इसका जन्म बेहद दिलचस्प परिस्थितियों में हुआ है:

  • इंस्टाग्राम पर 4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स: सीजेपी आज की तारीख में महज एक पैरोडी पेज नहीं है, बल्कि इंस्टाग्राम पर 4 मिलियन (40 लाख) से अधिक फॉलोअर्स और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 2 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड सदस्यों के साथ देश का सबसे बड़ा यूथ डिजिटल आंदोलन बन चुका है।

  • सीजेआई (CJI) के एक बयान से आया आइडिया: बीबीसी मराठी को दिए एक विस्तृत इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने बताया कि इस सोशल मीडिया कैंपेन की शुरुआत कैसे हुई। अभिजीत ने कहा, "मैं एक्स पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का एक लाइव बयान देख रहा था, जहां वे मौजूदा लचर सिस्टम की आलोचना करने और सोशल मीडिया पर अपनी स्वतंत्र राय रखने के लिए देश की युवा पीढ़ी की तुलना 'कॉकरोच' (Cockroaches) और परजीवियों (Parasites) से कर रहे थे। मुझे यह बात बेहद चुभी और निराशा से भर दिया कि संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षक ही युवाओं को इस तरह बेइज्जत कर रहा है।"

  • युवाओं की पात्रता और घोषणापत्र: अभिजीत ने आगे बताया, "मैंने गुस्से में ट्वीट किया कि अगर सिस्टम हमें कॉकरोच समझता है, तो क्यों न सभी कॉकरोच एक साथ आ जाएं। इस पर जेन-ज़ी (Gen-Z) युवाओं की कमाल की प्रतिक्रियाएं आईं। इसके बाद हमने ऑनलाइन एक पैरोडी पार्टी बनाई और नाम रखा 'कॉकरोच जनता पार्टी'। हमने इस पार्टी का सदस्य बनने के लिए वही पात्रता (Eligibility) रखी जो सीजेआई ने युवाओं को बेइज्जत करने के लिए कही थीं—जैसे आपका बेरोजगार होना जरूरी है, आप आलसी होने चाहिए और 24 घंटे ऑनलाइन रहने वाले होने चाहिए। देखते ही देखते लाखों युवाओं ने इसमें खुद को रजिस्टर कर लिया और यह एक अभूतपूर्व आंदोलन बन गया।"

कौन हैं अभिजीत दीपके? (Founder Profile)

'कॉकरोच जनता पार्टी' के जरिए भारतीय राजनीति और डिजिटल स्पेस में भूचाल लाने वाले अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) के रहने वाले हैं।

  • एजुकेशनल बैकग्राउंड: उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पुणे से पूरी की। इसके बाद उन्हें कुछ सालों तक दिल्ली और मुंबई में आम आदमी पार्टी (AAP) की केंद्रीय कम्युनिकेशन और डिजिटल मीडिया टीम के साथ जमीनी स्तर पर काम करने का लंबा अनुभव मिला। अभिजीत बताते हैं कि वे 'आप' की स्वास्थ्य और शिक्षा नीतियों से प्रभावित होकर राजनीति की तरफ आकर्षित हुए थे।

  • बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई: कुछ समय राजनीति में सक्रिय रहने के बाद वे आगे की उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University, USA) से अपना पोस्ट-ग्रेजुएशन (मास्टर्स) पूरा किया और दो साल वहां रहने के बाद वापस भारत लौटकर युवाओं के अधिकारों के लिए डिजिटल और जमीनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता और 50% महिला आरक्षण की मांग

अभिजीत दीपके के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र (Manifesto) आज के दौर में भारत के लोकतंत्र और वर्तमान राजनीतिक विसंगतियों का एक कड़वा आईना है। उनके घोषणापत्र में दो बातें सबसे प्रमुखता से उठाई गई हैं:

  1. न्यायपालिका की निष्पक्षता: सीजेपी का मानना है कि देश के जो जज रिटायरमेंट के तुरंत बाद सरकार से बड़े-बड़े लाभ, चांसलर के पद या राजनीतिक टिकट ले रहे हैं, वह देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। न्यायपालिका को सरकार के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र रहना होगा, वरना संविधान को कोई नहीं बचा पाएगा।

  2. 50 प्रतिशत महिला आरक्षण: दशकों से लटके 33 फीसदी महिला आरक्षण के खोखले वादों की आलोचना करते हुए सीजेपी अपने घोषणापत्र में मांग करती है कि संसद और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं को उनकी आधी आबादी के हक के अनुसार सीधे 50 फीसदी का पूर्ण आरक्षण दिया जाना चाहिए।

 

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