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Monsoon Update 2026: देश के आधे हिस्से में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून; बिहार, झारखंड और बंगाल सहित इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का ‘महा-अलर्ट’

भारत में चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) बेहद आक्रामक रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा वेदर रिपोर्ट के अनुसार, मानसूनी हवाओं ने देश के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया है और अब यह आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक सफलतापूर्वक दस्तक दे चुका है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 17 से 20 जून 2026 के बीच मानसून की यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी वाली दोनों शाखाएं और मजबूत होकर आगे बढ़ेंगी, जिससे मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों में भी प्री-मानसून और मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। मानसून के इस सक्रिय चक्रव्यूह के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले एक हफ्ते तक भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरना) और आंधी-तूफान का ऑरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में 'अति भारी' बारिश का खतरा

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों के भीतर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बादल सबसे ज्यादा तबाही मचा सकते हैं।

  • पहाड़ी इलाकों में अलर्ट: पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों (दार्जिलिंग, कालिमपोंग) और सिक्किम में 'सीवियर वेदर' का अलर्ट है।

  • पूर्वोत्तर में मूसलाधार आफत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके साथ ही असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 50 किमी/घंटे की रफ़्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

उत्तर और मध्य भारत के मौसम में बड़ा यू-टर्न; दिल्ली-यूपी में आंधी-बारिश

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और मानसूनी हवाओं के आपस में टकराने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है:

  • पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आने वाले दिनों में रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

  • मैदानी राज्य: पंजाब, हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चिलचिलाती धूप और लू का दौर अब समाप्त हो रहा है। इन राज्यों में आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ तेज धूल भरी आंधी (Dust Storm), आकाशीय बिजली कड़कने और रुक-रुक कर झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है।

  • मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ काले बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।

पूर्व और दक्षिण भारत में लगातार बरसेगा पानी; किसान रहें सतर्क

बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का यह दौर बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। कुछ विशिष्ट जिलों में भारी वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की हिदायत दी गई है।

दूसरी तरफ, दक्षिण भारत के राज्यों—आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इन राज्यों के तटीय और आंतरिक इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी और मूसलाधार बारिश होगी। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कृषि प्रधान क्षेत्रों के किसानों और आम लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि बुवाई और फसलों के प्रबंधन के दौरान आंधी-तूफान से कोई नुकसान न हो।

सावधान! कुछ इलाकों में अब भी बरकरार है गर्मी और 'उमस वाली लू'

एक तरफ जहां देश का बहुसंख्यक हिस्सा मानसूनी फुहारों से सराबोर हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेलंगाना और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ अंदरूनी हिस्सों में मानसून के पहुंचने से ठीक पहले 'गर्म और उमस भरी लू' (Humid Heatwave) का असर बना हुआ है।

इन क्षेत्रों में बादलों की मौजूदगी के कारण उमस (Humidity) का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे दिन और रात दोनों समय मौसम बेहद बेचैन करने वाला और गर्म रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के नागरिकों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें, अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें और स्थानीय मौसम की लाइव एडवायजरी पर लगातार नजर बनाए रखें।

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