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Crude Oil Price Fall: दो दिनों में 8% टूटा कच्चा तेल, ब्रेंट $94 के पास पहुंचा; जानें पेट्रोल-डीजल पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहत के संकेत दिए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा शांति वार्ता शुरू होने की खबरों ने बाजार के ‘उबाल’ को शांत कर दिया है। पिछले महज दो दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 8 फीसदी तक लुढ़क गया है। सप्लाई बहाल होने की उम्मीदों के बीच ब्रेंट का भाव अब 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में कमी की संभावना बढ़ गई है।बाजार में बड़ी गिरावट: $94 के स्तर पर आया ब्रेंट क्रूडताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.37% की और गिरावट के साथ $94.44 प्रति बैरल पर आ गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पिछले सत्र में इसमें 4.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.04% गिरकर $90.33 पर कारोबार कर रहा है। पिछले सेशन में इसमें 7.9% की भारी गिरावट देखी गई थी।ट्रंप के बयान से थमी जंग की आहट, पाकिस्तान में हो सकती है बातचीतकच्चे तेल की कीमतों में आई इस नरमी की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए अगले दो दिनों में पाकिस्तान में वार्ता फिर से शुरू हो सकती है। इस खबर ने निवेशकों के बीच यह भरोसा पैदा किया है कि कूटनीतिक रास्तों से लड़ाई सुलझ सकती है और मिडिल ईस्ट से तेल का फ्लो दोबारा सुचारू हो सकता है।होर्मुज की नाकेबंदी और सप्लाई का संकटकीमतों में गिरावट के बावजूद जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। अमेरिका, ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह ठप करने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नेवल ब्लॉकेड (नौसैनिक घेराबंदी) लगा रहा है। जवाब में तेहरान भी इस जलमार्ग से शिपमेंट रोकने पर विचार कर रहा है। इस खींचतान ने ग्लोबल तेल मार्केट को सप्लाई का ऐसा झटका दिया है जो पहले कभी नहीं देखा गया। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने भी बढ़ती कीमतों के कारण इस साल खपत में गिरावट का अनुमान जताया है।बढ़ता स्टॉक और ट्रंप प्रशासन का सख्त रुखतेल की कीमतों पर दबाव बनाने वाला एक और कारक अमेरिका में बढ़ता स्टॉक है। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के मुताबिक, पिछले हफ्ते कच्चे तेल के भंडार में 6.1 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी हुई है। यदि आधिकारिक आंकड़ों में इसकी पुष्टि होती है, तो यह लगातार आठवीं साप्ताहिक बढ़ोतरी होगी। हालांकि, ट्रंप प्रशासन तेहरान पर दबाव कम नहीं कर रहा है और इस वीकेंड तक ईरानी क्रूड खरीदने की रही-सही छूट को भी खत्म करने की तैयारी में है।

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