Crude oil price jump today: ओपेक की ‘रोक’ और ट्रंप के ‘तेवर’ ने बाजार को गर्माया

Crude oil price jump today: तेल के बाजार में पिछले कुछ महीनों से मंदी छाई हुई थी,लेकिन अब अचानक से गर्मी आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil)की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। इसके पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं-पहला,तेल उत्पादक देशों के संगठन (OPEC+)का फैसला और दूसरा,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वेनेजुएला को लेकर सख्त रुख।सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude)संभलकर63 प्रति बैरल, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 63 प्रति बैरल को पार कर गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 63 प्रति बैरल को पार कर गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 63 प्रति बैरल को पार कर गया। 60के करीब पहुँच गया है। आइये समझते हैं कि अचानक ये कीमतें क्यों भागने लगीं।1.ओपेक प्लस (OPEC+)का यू-टर्नसऊदी अरब की अगुवाई वाला यह समूह पहले तेल का उत्पादन बढ़ाने की सोच रहा था। लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि वे नए साल की पहली तिमाही (Q1)में उत्पादन नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने पिछले महीने लगाई गई’रोक’को और आगे बढ़ा दिया है।ओपेक का कहना है कि अभी बाजार की हालत (Seasonal Condition)थोड़ी कमजोर है,इसलिए वे सप्लाई को टाइट ही रखेंगे। सप्लाई कम रहेगी,तो दाम गिरेंगे नहीं-यह सीधा सा गणित है।2.ट्रंप की वेनेजुएला पर टेढ़ी नज़रबाजार में असली घबराहट जिओ-पॉलिटिकल (Geopolitical)टेंशन से आई है। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बड़ी चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस को उस देश के ऊपर से उड़ने के बारे में सोचना चाहिए,यानी वे एयरस्पेस बंद करने की धमकी दे रहे थे।हालांकि,रविवार को उन्होंने अपने बयान को थोड़ा हल्का किया,लेकिन खबर है कि अमेरिकी सेना उस इलाके में जमा हो रही है। ट्रेडर्स को डर है कि अगर वहां कोई संघर्ष हुआ तो तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। यही डर कीमतों को ऊपर खींच रहा है।मंदी की आहट भी है बरकरारनवंबर का महीना तेल के लिए बहुत बुरा रहा। यह लगातार चौथा महीना था जब दाम गिरे। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA)तो यहाँ तक कह रही है कि2026में दुनिया के पास जरूरत से ज्यादा तेल (Record Glut)होगा। वहीं,जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी एजेंसी का अनुमान है कि कच्चा तेल गिरकर$50प्रति बैरलतक भी आ सकता है।लेकिन,फिलहाल बाजार इन लंबी भविष्यवाणियों को छोड़कर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रही तनातनी और ओपेक के फैसले पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। शुक्रवार को थैंक्सगिविंग (Thanksgiving)की वजह से ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में थोड़ी दिक्कतें आईं थीं,लेकिन अब एशिया के बाजारों में कारोबार वापस पटरी पर लौट आया है और तेजी का रुख बना हुआ है।