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Cyclone Ditwah Sri Lanka updates :श्रीलंका की तबाही के बीच ‘एयरस्पेस’ पर सियासत: भारत ने पाक के झूठे दावों की हवा निकाली, कहा- हमने सिर्फ 4 घंटे में दी मंजूरी

Cyclone Ditwah Sri Lanka updates : हमारा पड़ोसी मुल्क श्रीलंका इस वक्त कुदरत की भयंकर मार झेल रहा है। चक्रवात’दितवाह’ (Cyclone Ditwah)ने वहां तबाही का मंजर ला दिया है,जिसमें330से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस मुश्किल घड़ी में,जहाँ एक तरफ दुनिया श्रीलंका की मदद के लिए आगे आ रही है,वहीं दूसरी तरफ एक अलग ही तरह की राजनीति और अफ़वाहों का दौर भी शुरू हो गया है।ताजा मामला पाकिस्तान और भारत के’हवाई क्षेत्र’ (Airspace)से जुड़ा है। पाकिस्तानी मीडिया में जोर-शोर से यह दावा किया जा रहा था कि भारत ने श्रीलंका जा रहे पाकिस्तान के एक राहत विमान को अपने ऊपर से उड़ने की मंजूरी नहीं दी। लेकिन भारत सरकार ने इन ख़बरों को सिरे से खारिज करते हुए सच्चाई दुनिया के सामने रख दी है।क्या है’एयरस्पेस’रोकने का सच?पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के ठीक उलट,हकीकत यह है कि भारत ने बिना किसी देरी के पाकिस्तान को रास्ता दे दिया था। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि यह खबर पूरी तरह से “आधारहीन और भ्रामक” है।घटनाक्रम कुछ यूँ था:सोमवार को दोपहर करीब1बजे (भारतीय समयानुसार) पाकिस्तान ने भारत से अनुरोध किया कि उनका एक विमान,जो श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहा है,उसे भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने दिया जाए।भारत ने इसे एक मानवीय कार्य (Humanitarian Act)माना और प्रक्रिया शुरू की। उसी दिन शाम5:30बजे,यानीमहज4से4:30घंटे के भीतर,आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान को मंजूरी दे दी गई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के लिए यह बहुत कम समय (Minimum Notice Period)था,फिर भी भारत ने इसमें देर नहीं की।भारत का बड़ा दिल बनाम पाकिस्तान की जिदयह कदम इसलिए भी ख़ास है क्योंकि पाकिस्तान आज भी भारतीय एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने देता। बावजूद इसके,भारत ने इसे’प्रतिशोध’का मुद्दा नहीं बनाया। अधिकारियों ने साफ़ किया कि जब बात पड़ोसी की मदद और इंसानियत की हो,तो राजनीति पीछे छूट जाती है। भारत ने इसे शुद्ध रूप से एक मानवीय पहल के तौर पर देखा।श्रीलंका में भारत का’ऑपरेशन सागर बंधु’जहाँ एक तरफ बातों और विवादों का शोर है,वहीं भारत जमीन पर काम कर रहा है। श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने’ऑपरेशन सागर बंधु’पूरी ताकत से चला रखा है। अब तक53टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी जा चुकी है।भारत की मदद का ब्यौरा:हवाई मार्ग से:भारतीय वायु सेना के3विमानों ने 31.5टन जरूरी सामान पहुँचाया है। इसमें टेंट,कंबल,तैयार भोजन,दवाइयां और सर्जिकल उपकरण शामिल हैं।समंदर के रास्ते:भारतीय नौसेना के जहाज भी मोर्चे पर हैं।9.5टन आपातकालीन राशन कोलंबो में सौंपा गया है। इसके अलावा जहाज’सुखन्या’ 12टन सामग्री लेकर त्रिंकोमाली पहुँच रहा है।रेस्क्यू टीमें:सिर्फ़ सामान नहीं,बल्किNDRFकी80सदस्यों वाली विशेष टीम बचाव कार्यों के लिए वहां पहुँच चुकी है। साथ ही,इलाज के लिए आधुनिक’भीष्म क्यूब्स’ (BHISHM cubes)के साथ डॉक्टरों की टीम भी मदद कर रही है।इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय कौन सिर्फ बातें करता है और कौन हकीकत में साथ खड़ा रहता है।

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