Delhi School News: दिल्ली के जनकपुरी स्थित मशहूर स्कूल को केजरीवाल सरकार का बड़ा नोटिस, सुरक्षा नियमों और फंड में धांधली पर 15 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली/लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education – DoE) ने जनकपुरी (Janakpuri) इलाके में स्थित एक बड़े और नामचीन प्राइवेट स्कूल को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं (Financial Violations) और छात्र सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में एक कड़ा 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। सरकार की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद दिल्ली के निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्कूल प्रबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरे 15 दिनों का समय दिया है, और संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की सख्त चेतावनी दी है।
फंड्स की हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं का संगीन आरोप
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार, स्कूल के खिलाफ लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जब आंतरिक ऑडिट और जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले वित्तीय उल्लंघन सामने आए:
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फंड्स का गलत डायवर्जन: जांच में पाया गया कि स्कूल प्रबंधन छात्रों से ली जाने वाली फीस और स्कूल के रिजर्व फंड का इस्तेमाल अन्य व्यावसायिक या निजी मदों में ट्रांसफर (डायवर्ट) कर रहा था, जो कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (DSEA) के नियमों के सख्त खिलाफ है।
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अकाउंट्स में पारदर्शिता की कमी: स्कूल के सालाना वित्तीय लेखा-जोखा (Balance Sheets) में भारी विसंगतियां पाई गई हैं, जिसके लिए विभाग को बिना बताए कई बड़े खर्च दिखाए गए थे।
छात्रों की सुरक्षा (Safety Rules) के साथ खिलवाड़ करने का मामला
वित्तीय गड़बड़ियों के अलावा, जो बात सबसे ज्यादा गंभीर और संवेदनशील है, वह है स्कूल परिसर के भीतर छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था में बरती गई भारी लापरवाही:
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फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी: स्कूल बिल्डिंग में लगे अग्नि शमन यंत्र (Fire Extinguishers) या तो एक्सपायर हो चुके थे या फिर आपातकालीन निकास मार्गों (Emergency Exits) पर अवैध निर्माण कर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया था।
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सीसीटीवी कैमरों का बंद होना: परिसर के कई संवेदनशील कोनों और गलियारों में लगे सीसीटीवी कैमरे (CCTV Surveillance) लंबे समय से काम नहीं कर रहे थे, जिससे छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही थी।
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स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन न होना: स्कूल में तैनात कई गैर-शिक्षण स्टाफ (जैसे बस ड्राइवर, कंडक्टर और सफाई कर्मचारी) का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक भी पूरा नहीं कराया गया था।
15 दिन का अल्टीमेटम: रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए स्कूल प्रबंधन को 15 कार्यदिवसों का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। यदि स्कूल तय समय सीमा के भीतर इन सभी सुरक्षा खामियों को दूर करने का प्रमाण और वित्तीय गड़बड़ियों पर स्पष्टीकरण देने में पूरी तरह विफल रहता है, तो दिल्ली सरकार सख्त कदम उठाते हुए स्कूल की मान्यता (Recognition) को तुरंत प्रभाव से निलंबित या पूरी तरह रद्द कर सकती है। शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि राजधानी के किसी भी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के नाम पर हो रही वित्तीय धांधली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी नियमों का पालन कड़ाई से कराया जाएगा।