H-1B Visa के नियमों में होगा बड़ा बदलाव? अमेरिका में पेश हुआ House File 2513, भारतीय IT प्रोफेशनल्स की बढ़ सकती है टेंशन

News India Live, Digital Desk : अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और वहां पहले से रह रहे विदेशी कामगारों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी संसद (Congress) में एक नया बिल पेश किया गया है, जिसे ‘House File 2513’ के नाम से जाना जा रहा है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य H-1B वीजा नियमों में कड़े बदलाव करना है। यदि यह बिल कानून बनता है, तो इसका सबसे अधिक असर भारतीयों पर पड़ेगा, जो अमेरिकी टेक इंडस्ट्री की रीढ़ माने जाते हैं।क्या है ‘House File 2513′ और इसका मुख्य उद्देश्य?’House File 2513’ अमेरिका के आव्रजन (Immigration) कानूनों में संशोधन करने का एक प्रस्ताव है। इस बिल के जरिए अमेरिकी सरकार H-1B वीजा कार्यक्रम की खामियों को दूर करने और स्थानीय अमेरिकी कामगारों के हितों की रक्षा करने का दावा कर रही है। बिल में प्रस्ताव दिया गया है कि विदेशी कामगारों को दी जाने वाली न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) में भारी बढ़ोतरी की जाए। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं को काम पर रखना अब पहले जितना सस्ता नहीं रहेगा।भारतीयों पर कैसे पड़ेगा इसका सीधा असर?अमेरिका हर साल हजारों की संख्या में H-1B वीजा जारी करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के पास जाता है। इस नए बिल में ‘प्राथमिकता’ (Priority) के आधार पर वीजा देने की बात कही गई है। यानी, जिन कामगारों की सैलरी सबसे अधिक होगी, उन्हें वीजा मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। इससे उन शुरुआती स्तर (Entry-level) के प्रोफेशनल्स के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी जो कम अनुभव के साथ अमेरिका जाना चाहते हैं। साथ ही, भारतीय आईटी कंपनियां जो प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल्स भेजती हैं, उनकी लागत भी काफी बढ़ जाएगी।विदेशी कामगारों के लिए कड़े होंगे मापदंडइस बिल में केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक योग्यता और विशेषज्ञता के स्तर को भी कड़ा करने का प्रस्ताव है। बिल के समर्थकों का कहना है कि इससे केवल ‘सर्वश्रेष्ठ’ प्रतिभाएं ही अमेरिका आ पाएंगी। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह बिल विदेशी टैलेंट को अमेरिका से दूर करने की एक कोशिश है। इसके अलावा, बिल में H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथी (H-4 वीजा धारक) के वर्क परमिट को लेकर भी कुछ स्पष्ट नियम बनाने की बात कही गई है, जो वहां रह रहे हजारों परिवारों को प्रभावित कर सकता है।क्या ये बिल कानून बन पाएगा?फिलहाल ‘House File 2513’ को केवल पेश किया गया है। इसे कानून बनने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों से पारित होना होगा और अंत में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी। अमेरिका में चुनाव के माहौल के बीच इस तरह के बिलों पर काफी चर्चा होती है। भारतीय विदेश मंत्रालय और आईटी क्षेत्र की संस्था ‘नैसकॉम’ (NASSCOM) इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह लागू होता है, तो कंपनियों को अपनी हायरिंग रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे।