Happy Heart Syndrome: बेटी की शादी की अत्यधिक खुशी पड़ी भारी! मां को आया अनोखा ‘हार्ट अटैक’, डॉक्टरों ने बताई इस गंभीर बीमारी की वजह

लखनऊ। हम अक्सर सुनते हैं कि अत्यधिक दुख, सदमा या तनाव इंसान के दिल को कमजोर कर देता है और हार्ट अटैक की वजह बनता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा खुशी (Extreme Happiness) भी आपके दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है? ज़ी न्यूज़ (Zee News) की एक विशेष हेल्थ और मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां अपनी बेटी की शादी और विदाई के भावनात्मक पलों में अत्यधिक खुश और भावुक होने के कारण अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला किसी सामान्य हार्ट अटैक की नहीं, बल्कि एक बेहद दुर्लभ मेडिकल कंडीशन 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' (Happy Heart Syndrome) की शिकार हुई है, जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' (Takotsubo Cardiomyopathy) कहा जाता है।
बेटी की शादी के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत, सामने आया दुर्लभ मामला
रिपोर्ट के अनुसार, शादी के सारे कार्यक्रम अच्छे से संपन्न होने और बेटी की विदाई के बाद महिला ने अचानक छाती में तेज दर्द (Chest Pain), भारीपन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया।
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हार्ट अटैक जैसे लक्षण: शुरुआती ईसीजी (ECG) और ब्लड टेस्ट में सारे लक्षण बिल्कुल किसी गंभीर हार्ट अटैक (Heart Attack) जैसे दिखाई दे रहे थे।
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एंजियोग्राफी रिपोर्ट ने चौंकाया: जब डॉक्टरों ने महिला के दिल की नसों की ब्लॉकर्स जांचने के लिए कोरोनरी एंजियोग्राफी की, तो वे हैरान रह गए। दिल की सभी नसें पूरी तरह साफ और सामान्य थीं, यानी कहीं कोई ब्लॉकेज नहीं था। इसके बाद गहन जांच में पाया गया कि महिला का दिल अत्यधिक इमोशनल सर्ज (भावनात्मक उबाड़) के कारण अस्थाई रूप से कमजोर हो गया था।
क्या है 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' या 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम'?
चिकित्सकों ने इस बीमारी के पीछे के न्यूरो-कार्डियक कनेक्शन को समझाते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:
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दिल का आकार बदलना (Left Ventricle Ballooning): इस बीमारी में अत्यधिक खुशी या अत्यधिक दुख के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे—एड्रेनालाईन) का स्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है। यह हार्मोन दिल के निचले हिस्से (Left Ventricle) को अस्थाई रूप से पंगु या सुन्न कर देता है, जिससे दिल का निचला हिस्सा गुब्बारे की तरह फूल जाता है (जैसा कि ऊपर चित्र में दाएं हिस्से में दिखाया गया है)।
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जापानी नाम का रहस्य: इस फूले हुए दिल का आकार जापान में ऑक्टोपस (एक समुद्री जीव) को पकड़ने वाले एक खास घड़े जैसा दिखता है, जिसे वहां 'ताकोत्सुबो' कहा जाता है। इसीलिए इसका नाम 'ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी' पड़ा। इसे सामान्यतः 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' (Broken Heart Syndrome) भी कहते हैं, लेकिन जब यह अत्यधिक खुशी से हो, तो इसे 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' कहा जाता है।
महिलाओं में सबसे ज्यादा खतरा, डॉक्टरों ने दी अहम सलाह
हार्ट रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) का कहना है कि यह बीमारी पुरुषों की तुलना में 50 वर्ष से अधिक उम्र की पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं (Postmenopausal Women) में सबसे ज्यादा देखी जाती है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं का दिल अचानक होने वाले भावनात्मक बदलावों को झेलने में ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।
राहत की बात यह है कि सामान्य हार्ट अटैक के विपरीत, हैप्पी हार्ट सिंड्रोम में दिल की मांसपेशियां स्थाई रूप से डैमेज नहीं होती हैं। उचित मेडिकल केयर, सपोर्टिव थेरेपी और दवाओं की मदद से मरीज का दिल कुछ हफ्तों या महीनों में पूरी तरह से अपने पुराने और सामान्य आकार में वापस आ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़े पारिवारिक या सामाजिक उत्सव के दौरान, जहां बहुत ज्यादा भावुक कर देने वाले पल हों, वहां दिल और सांसों की गति को सामान्य बनाए रखने के लिए गहरी सांसें लें और अत्यधिक उत्तेजना से बचने का प्रयास करें।