PM मोदी के भाषण पर मचा घमासान 700 नागरिकों ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, लगाया बड़ा आरोप

News India Live, Digital Desk: लोकसभा चुनाव 2024 के गरमाते माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया भाषण ने नई बहस छेड़ दी है। राजस्थान के बांसवाड़ा में दिए गए उनके बयान को लेकर अब देश के करीब 700 प्रबुद्ध नागरिकों ने चुनाव आयोग (ECI) का दरवाजा खटखटाया है। इन नागरिकों का दावा है कि प्रधानमंत्री के संबोधन में आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन किया गया है।क्या है पूरा मामला? नागरिकों की मांग ने बढ़ाई हलचलचुनाव आयोग को लिखे गए इस पत्र में पूर्व नौकरशाहों, लेखकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में एक विशेष समुदाय को लेकर जो टिप्पणी की, वह चुनाव आचार संहिता के नियमों के खिलाफ है। पत्र में मांग की गई है कि आयोग इस मामले में निष्पक्ष जांच करे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि चुनाव की शुचिता बनी रहे।विपक्ष का हमला और संवैधानिक मर्यादा का सवालविपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। शिकायत में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी वर्ग या धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करने वाली भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। नागरिकों के समूह ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह अपनी शक्तियों का उपयोग कर इस तरह के भाषणों पर रोक लगाए।चुनाव आयोग के सामने बड़ी चुनौतीअब सबकी नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह इस भारी-भरकम शिकायत पर क्या रुख अपनाता है। आमतौर पर आयोग ऐसी शिकायतों पर भाषण की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और टेक्स्ट का विश्लेषण करता है। यदि आयोग को लगता है कि प्रथम दृष्टया नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित नेता को नोटिस जारी किया जाता है। फिलहाल, इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और सोशल मीडिया पर भी लोग दो पक्षों में बंटे नजर आ रहे हैं।