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NCP leader murder 2003 : 23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी करार, हाईकोर्ट ने दिया सरेंडर का अल्टीमेटम

News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ की राजनीति से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजित जोगी के बेटे और राजनेता अमित जोगी को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने हाई-प्रोफाइल राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें सरेंडर करने के लिए महज तीन हफ्ते का समय दिया है। इस फैसले के बाद अमित जोगी ने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की बात कही है।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोबारा खुली फाइलसाल 2003 में हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता राम अवतार जग्गी की हत्या के मामले में पहले निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने अमित जोगी को आरोपों से बरी कर दिया था। हालांकि, यह मामला शांत नहीं हुआ और सीबीआई ने इस फैसले को चुनौती दी। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि भले ही सीबीआई ने अपील दायर करने में काफी देरी की है, लेकिन प्रतिवादी अमित जोगी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, क्योंकि उन पर एक विरोधी दल के नेता की हत्या का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के इन्हीं कड़े निर्देशों के बाद हाईकोर्ट में कार्यवाही फिर से शुरू की गई थी।ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द, चीफ जस्टिस की बेंच का बड़ा आदेशगुरुवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई की। अदालत ने सीबीआई की दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा अमित जोगी को बरी करने के पुराने फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को हत्या के इस संगीन मामले में दोषी मानते हुए तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश जारी किया है।’मेरे साथ घोर अन्याय हुआ’, अमित जोगी का छलका दर्दहाईकोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद अमित जोगी की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया। जोगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपना दर्द बयां किया और लिखा, “आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध सीबीआई की अपील को मात्र 40 मिनट में ही स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए।”अब सुप्रीम कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजाअमित जोगी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह पूरी तरह अप्रत्याशित है।” उन्होंने इस फैसले को अपने साथ हुआ गंभीर अन्याय बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर अब भी पूरा विश्वास है। जोगी ने ऐलान किया है कि वह पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में अपील करेंगे, जहां से उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।

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