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Job Resignation Checklist: पुरानी नौकरी छोड़ने से पहले HR से जरूर मांग लें ये 15 सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स, वरना नई कंपनी की जॉइनिंग में फंस सकता है पेंच और रुक जाएगी सैलरी

करियर में ग्रोथ, बेहतर सैलरी पैकेज या अपनी पसंद के रोल के लिए जॉब चेंज (Job Switch) करना एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, नई कंपनी से मिलने वाले ऑफर लेटर और जॉइनिंग की खुशी में अक्सर कर्मचारी पुरानी कंपनी से बाहर निकलते समय जरूरी कागजी कार्रवाई में लापरवाही बरत देते हैं। कॉरपोरेट नियमों के अनुसार, जब आप किसी संस्थान को अलविदा कहते हैं, तो सही तरीके से अपना ऑफबोर्डिंग (Offboarding Process) पूरा करना और एचआर (HR Department) से अपनी सेवाओं से जुड़े तमाम दस्तावेज हासिल करना बेहद आवश्यक होता है।

आजकल लगभग सभी छोटी-बड़ी कंपनियां नए कर्मचारियों को ऑनबोर्ड करने से पहले थर्ड-पार्टी एजेंसियों के जरिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification – BGV) करवाती हैं। ऐसे में यदि आपके पास पुरानी कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं, तो आपकी नई जॉइनिंग अटक सकती है, सैलरी होल्ड पर जा सकती है या भविष्य में टैक्स फाइलिंग के दौरान भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसी भी कंपनी से इस्तीफा (Resignation) देने के बाद और अपनी अंतिम कार्यतिथि (Last Working Day) से पहले एचआर से मांग लेने योग्य 15 सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट निम्नलिखित है:

1. रिलीविंग लेटर (Relieving Letter)

रिलीविंग लेटर आपकी पुरानी कंपनी की तरफ से जारी किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण होता है कि आपने कंपनी की नोटिस पीरियड (Notice Period) की शर्तों को नियमानुसार पूरा किया है और कंपनी ने आपको आपके पदों व दायित्वों से मुक्त कर दिया है। नई कंपनी में आपकी जॉइनिंग के समय बीजीवी (BGV) टीम सबसे पहले रिलीविंग लेटर की ही मांग करती है।

2. एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट (Experience Certificate)

अनुभव प्रमाण पत्र यानी एक्सपीरियंस लेटर में कंपनी में आपके कुल कार्यकाल (जॉइनिंग डेट से लेकर लास्ट वर्किंग डे तक), आपके पद (Designation) और आपके कार्य प्रदर्शन का स्पष्ट उल्लेख होता है। भविष्य में जब भी आप किसी नई जगह आवेदन करेंगे, तो यह पत्र आपके कार्य अनुभव का आधिकारिक सबूत बनेगा।

3. पिछले 3 से 6 महीने की सैलरी स्लिप (Salary Slips)

पुरानी कंपनी से निकलने से पहले अपनी कम से कम पिछले 3 से 6 महीनों की पे-स्लिप (Pay Slips) जरूर डाउनलोड या ईमेल पर मंगवा लें। सैलरी स्लिप में आपकी बेसिक सैलरी, अलाउंस, टैक्स कटौती और पीएफ योगदान का विस्तृत विवरण होता है। नई कंपनी में सैलरी हाइक की बातचीत (Salary Negotiation) और इन-हैंड सैलरी तय करने में यह प्राथमिक दस्तावेज माना जाता है।

4. फॉर्म 16 और टीडीएस सर्टिफिकेट (Form 16 / TDS Certificate)

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए फॉर्म 16 बेहद अनिवार्य है। आपकी पुरानी कंपनी ने आपकी सैलरी से जो भी टीडीएस (TDS) काटा है, उसका पूरा हिसाब-किताब फॉर्म 16 के पार्ट-ए और पार्ट-बी में दर्ज होता है। यदि आप साल के बीच में नौकरी बदलते हैं, तो नई कंपनी को अपना पिछला टीडीएस रिकॉर्ड दिखाने और दोहरे टैक्स से बचने के लिए फॉर्म 16 की सख्त जरूरत पड़ती है।

5. फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट स्टेटमेंट

फुल एंड फाइनल सेटलमेंट शीट में आपकी बची हुई सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा (Leave Encashment), पेंडिंग बोनस, ग्रेच्युटी और कंपनी द्वारा काटे गए किसी भी प्रकार के डिडक्शन का विस्तृत हिसाब होता है। एचआर से यह लिखित स्टेटमेंट जरूर लें ताकि आपको पता रहे कि आपके खाते में कितना पैसा आना बाकी है या कोई कटौती किस आधार पर की गई है।

6. यूएएन (UAN) और पीएफ अकाउंट डिटेल्स (PF Account Details)

भविष्य निधि (Provident Fund) का पैसा सुरक्षित ट्रांसफर करने के लिए आपके पास अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पुरानी कंपनी की पीएफ मेंबर आईडी (PF Member ID) होना जरूरी है। हालांकि यूएएन एक ही रहता है, लेकिन पुरानी कंपनी द्वारा आपके पीएफ खाते में अंतिम योगदान और 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) की सही एंट्री दर्ज की गई है या नहीं, इसका दस्तावेज या पासबुक कॉपी जरूर चेक कर लें।

7. नो ऑब्जेक्शन / नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NOC / No Dues Certificate)

नो ड्यूज सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि पुरानी कंपनी के किसी भी विभाग (आईटी, एडमिन, फाइनेंस, एचआर) का आप पर कोई बकाया नहीं है। कंपनी के लैपटॉप, एक्सेस कार्ड, पेनड्राइव या कोई अन्य एसेट जमा करने के बाद सभी विभागों के साइन वाला नो ड्यूज फॉर्म अपने पास संभालकर रखें, ताकि भविष्य में कोई वित्तीय या कानूनी विवाद न खड़ा हो।

8. कंपनी एसेट्स सरेंडर रसीद (Asset Return Acknowledgment)

ऑफिस छोड़ते समय जब आप कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आईडी कार्ड या वाहन जमा करते हैं, तो आईटी और एडमिन विभाग से उसकी लिखित रसीद या ईमेल एक्नॉलेजमेंट (Acknowledgment) जरूर लें। कई बार एसेट खोने या डैमेज होने के झूठे दावों के कारण कर्मचारियों का एफ़ एंड एफ़ सेटलमेंट रोक दिया जाता है, जिससे यह रसीद आपको बचाती है।

9. ग्रेच्युटी क्लेम फॉर्म और स्टेटमेंट (Gratuity Statement)

यदि आपने किसी एक कंपनी में लगातार 4 साल 240 दिन या 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है, तो आप पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत ग्रेच्युटी के हकदार बन जाते हैं। एचआर से ग्रेच्युटी कैलकुलेशन शीट और क्लेम फॉर्म का स्टेटस जरूर मांग लें, ताकि आपके बैंक खाते में सही राशि ट्रांसफर हो सके।

10. अप्रेजल लेटर और इंक्रीमेंट लेटर्स (Appraisal & Increment Letters)

आपकी पुरानी कंपनी में समय-समय पर हुए अप्रेजल, प्रमोशन और सैलरी इंक्रीमेंट के लेटर्स आपके करियर ग्रोथ को दर्शाते हैं। नई कंपनी में अपने पिछले रिकॉर्ड को साबित करने और डेसिग्नेशन में बढ़ोतरी हासिल करने के लिए इन पत्रों की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी पास होना काफी मददगार साबित होता है।

11. ओरिजिनल ऑफर लेटर और जॉइनिंग लेटर (Offer & Joining Letter)

जब आपने पुरानी कंपनी जॉइन की थी, तब आपको जो ऑफर लेटर और अपॉइंटमेंट लेटर (Appointment Letter) मिला था, उसकी कॉपी भी संभालकर रखें। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन एजेंसियां कई बार जॉइनिंग के समय तय की गई शर्तों और आपकी शुरुआती पदस्थता की पुष्टि के लिए इन दस्तावेजों की मांग करती हैं।

12. टैक्स प्रोजेक्शन शीट और इंवेस्टमेंट डिक्लेरेशन (Tax Projection Sheet)

वित्त वर्ष के बीच में जॉब बदलने पर पुरानी कंपनी द्वारा तैयार की गई टैक्स प्रोजेक्शन शीट (Tax Projection Sheet) एचआर से मांग लें। इसमें दर्ज जानकारी को अपनी नई कंपनी के एचआर के साथ साझा करें, ताकि वे साल के बचे हुए महीनों में सही टैक्स कैलकुलेट कर सकें और आपकी सैलरी से अधिक टीडीएस न कटे।

13. ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी/क्लोजर डॉक्यूमेंट

यदि आपकी पुरानी कंपनी में आपका और आपके परिवार का कॉरपोरेट ग्रुप मेडिक्लेम (Group Health Insurance) चल रहा था, तो कंपनी छोड़ने के साथ ही वह पॉलिसी समाप्त हो जाती है। आप एचआर या इंश्योरेंस ब्रोकर से क्लोजर लेटर लेकर उस पॉलिसी को इंडिविजुअल रिटेल पॉलिसी में पोर्ट (Portability) करा सकते हैं, जिससे आपकी पुरानी वेटिंग पीरियड की अवधि बेकार नहीं जाती।

14. एनपीएस (NPS / PRAN) डिटेल्स

यदि आपकी पुरानी कंपनी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में योगदान दे रही थी, तो अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN Card) और कॉर्पोरेट-टू-कॉर्पोरेट शिफ्टिंग फॉर्म एचआर से प्राप्त करें। इससे आप अपने एनपीएस खाते को नई कंपनी के कॉर्पोरेट प्लान से आसानी से टैग करवा सकेंगे।

15. सर्विस / आचरण प्रमाण पत्र (Conduct & Service Certificate)

खासकर बैंकिंग, डिफेंस, पीएसयू (PSU), सरकारी संस्थानों या विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में नौकरी बदलने पर कर्मचारी के आचरण और सत्यनिष्ठा (Integrity and Conduct Certificate) का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। यह लेटर यह प्रमाणित करता है कि आपके खिलाफ कार्यकाल के दौरान कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) नहीं हुई थी।

एचआर से बातचीत करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें

  • लिखित ईमेल द्वारा अनुरोध करें: अपने पर्सनल और ऑफिशियल दोनों ईमेल आईडी से एचआर को इन सभी दस्तावेजों की सूची भेजकर लिखित में अनुरोध दर्ज कराएं।

  • लास्ट वर्किंग डे से पहले फॉलो-अप करें: नोटिस पीरियड के दौरान ही अपने सभी क्लीयरेंस पूरे कर लें ताकि अंतिम दिन कोई कागजी अड़चन न रहे।

  • ऑफीशियल ईमेल और पोर्टल का बैकअप लें: कंपनी छोड़ने से पहले अपने सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 और अप्रेजल लेटर्स को अपने पर्सनल मेल या गूगल ड्राइव पर डाउनलोड करके रख लें, क्योंकि लास्ट वर्किंग डे के बाद आपका ऑफिशियल ईमेल एक्सेस बंद कर दिया जाता है।

  • सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें: एचआर और अपने मैनेजर के साथ हमेशा प्रोफेशनल और शांतिपूर्ण संबंध (Professional Offboarding) बनाए रखकर ही एग्जिट प्रक्रिया पूरी करें, क्योंकि भविष्य के रेफरेंस चेक (Reference Check) में उनकी फीडबैक बहुत मायने रखती है।

इस्तीफा देने के बाद इन 15 दस्तावेजों को समय रहते प्राप्त कर लेने से आपका करियर ट्रांजिशन (Career Transition) बिल्कुल तनावमुक्त और सुरक्षित हो जाता है।

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