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Karnataka News : पूर्व सीएम येदियुरप्पा के खिलाफ अब नहीं चलेगा केस? सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विरोधियों को चौंकाया

News India Live, Digital Desk : कर्नाटक की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) पिछले कुछ महीनों से काफी तनाव में थे। वजह थी एक नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज मुकदमा। लेकिन आज मंगलवार को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत की सांस मिली है।शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक निचली अदालत में येदियुरप्पा के खिलाफ चल रहे ट्रायल (मुकदमे की कार्यवाही) पर रोक रहेगी।कोर्ट में क्या हुआ?जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। येदियुरप्पा की तरफ से देश के दिग्गज वकीलों ने दलीलें पेश कीं।उम्र और सेहत का हवाला: वकीलों ने कहा कि येदियुरप्पा जी की उम्र 81 साल हो चुकी है। वे बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्हें हर छोटी तारीख पर कोर्ट में घसीटना ठीक नहीं है।केस की मेरिट पर सवाल: बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि इस मामले में शिकायतकर्ता (पीड़ित की मां) का देहांत हो चुका है और केस में कई झोल हैं। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित और फंसाने की साजिश बताया।इन दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फ़िलहाल के लिए निचली अदालत की कार्यवाही पर ‘स्टे’ (Stay) लगा दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की उम्र और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अभी ट्रायल रोकना सही होगा।क्या था यह पूरा मामला?आपको याद दिला दें, यह मामला इसी साल का है। एक महिला ने आरोप लगाया था कि जब वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ येदियुरप्पा के घर (बैंगलोर) गई थी, तो पूर्व सीएम ने कथित तौर पर बच्ची के साथ गलत हरकत की थी। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था, और विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी को घेरने की खूब कोशिश की थी।सीआईडी (CID) ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, जिसके बाद से येदियुरप्पा पर गिरफ्तारी और जेल जाने की तलवार लटक रही थी। लेकिन आज के फैसले से वो तलवार हट गई है।*अब आगे क्या?ध्यान दीजिये, कोर्ट ने उन्हें बरी नहीं किया है, सिर्फ अभी की कार्यवाही रोकी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कर्नाटक सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष को नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि आखिर इस स्टे को क्यों न आगे बढ़ाया जाए या केस क्यों न ख़त्म किया जाए?अगले 4 हफ्तों के बाद फिर से सुनवाई होगी। तब तक के लिए येदियुरप्पा सुकून से रह सकते हैं। उन्हें बार-बार कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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