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LPU Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिंसक प्रदर्शनों के बाद 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित, मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित; SIT गठित

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में छात्रों के उग्र विरोध-प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रबंधन ने 28 सितंबर से अगले 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाओं को निलंबित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में चल रही मध्यावधि परीक्षाओं (Mid-Term Examinations) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। परिसर में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और अप्रिय घटना से जुड़ी अफवाहों के बाद उपजे भारी आक्रोश के चलते छात्रों ने कैंपस के साथ-साथ नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया था, जिसके बाद भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।

परिसर में कैसे भड़का विवाद: छात्रों का आक्रोश और एनएच-44 पर चक्काजाम

विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन खबरों और अपुष्ट दावों के बाद हुई, जिनमें आरोप लगाया गया था कि परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार किया गया। हालांकि प्रशासन इन दावों को अफवाह बता रहा है, लेकिन देखते ही देखते हजारों छात्र-छात्राएं हॉस्टलों से बाहर निकल आए और न्याय व सुरक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा गार्डों और आक्रोशित छात्रों के बीच झड़पें देखने को मिलीं। छात्रों के एक बड़े समूह ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर जीटी रोड (नेशनल हाईवे-44) पर बैठकर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह रोक दिया। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती की कोशिश कर रहा है। स्थिति बिगड़ती देख फगवाड़ा और जालंधर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा और आला प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया।

परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय का आधिकारिक नोटिस: यूएमएस (UMS) पर मिलेगी नई तारीख

हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए एक औपचारिक सर्कुलर जारी किया।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कक्षाएं 10 दिन बंद: सोमवार, 28 सितंबर से आगामी 10 दिनों की अवधि के लिए सभी यूजी, पीजी और प्रोफेशनल कोर्सेज की फिजिकल कक्षाएं पूरी तरह निलंबित रहेंगी।

  • मिड-टर्म परीक्षाएं टलीं: सभी संकायों की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम (Revised Exam Schedule) की घोषणा बाद में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (UMS) के माध्यम से अलग से की जाएगी।

  • घर जाने की छूट: विश्वविद्यालय ने देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने माता-पिता या अभिभावकों की सहमति से इस 10-दिवसीय अवकाश के दौरान अपने गृह नगर जा सकते हैं।

  • हॉस्टल में रहने वालों के लिए नियम: जो छात्र परिसर में ही रुकना चाहते हैं, उन्हें अपने संबंधित हॉस्टल कमरों के अंदर रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी समूह में एकत्रित न होने की सख्त हिदायत दी गई है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी (SIT) गठित

परिसर में उपजे गतिरोध को शांत करने के लिए पंजाब पुलिस ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हॉस्टल के आसपास तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन ने छात्रों और आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी, वीडियो या अफवाहें न फैलाएं, क्योंकि माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ भी आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कैंपस सुरक्षा और पारदर्शी जांच की मांग पर अड़े छात्र

यद्यपि परीक्षाएं स्थगित होने और 10 दिनों की छुट्टी घोषित किए जाने के बाद सैकड़ों छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं, लेकिन छात्र संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहते हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परिसर के भीतर बाहरी तत्वों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, छात्राओं के हॉस्टल क्षेत्रों में बायोमेट्रिक सुरक्षा बढ़ाई जाए और एसआईटी की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।

फिलहाल, विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों और संवेदनशील हिस्सों में अर्धसैनिक व पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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