Nature’s Fury : तूफान दितवाह ने ली 123 जिंदगियां, तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश तक मचा हाहाकार

News India Live, Digital Desk : हम अक्सर खबरों में तूफान और चक्रवात के बारे में सुनते हैं, लेकिन 29 नवंबर का दिन दक्षिण भारत (South India) के लिए एक काला दिन साबित हुआ है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात’दितवाह’ (Cyclone Ditwah) जमीन से क्या टकराया, उसने पीछे तबाही के ऐसे निशान छोड़ दिए हैं जिसे मिटने में शायद सालों लग जाएंगे।दिल दहला देने वाली खबर यह है कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस कुदरती आफत ने अब तक123 लोगों की जान (123 People Died) ले ली है। यह सिर्फ़ एक नंबर नहीं है, यह 123 परिवार हैं जिनके घर का चिराग बुझ गया है।मंजर देख सिहर उठे लोगतूफान का असर इतना भयानक था कि बड़े-बड़े पेड़ तिनकों की तरह उखड़ गए और कई कच्चे मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सड़कों पर पानी का सैलाब ऐसा था कि गाड़ियां नाव की तरह तैरती नज़र आईं।तमिलनाडु के तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। लोगों का कहना है कि हवा की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि खिड़कियाँ तक कांप रही थीं। बिजली के खंभे गिरने से कई जिले अंधेरे में डूब गए हैं।IMD की ताजा चेतावनी: “अभी और सताएगा मौसम”अगर आपको लग रहा है कि खतरा टल गया है, तो मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी को गंभीरता से लीजिये। विभाग नेअलर्ट (Alert) जारी करते हुए कहा है कि तूफान का ‘लैंडफॉल’ भले ही हो गया हो, लेकिन इसका असर (After-effects) अभी बाकी है।अगले 24 से 48 घंटों में इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की आशंका है। खासकर चेन्नई, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।मछुआरों को समुद्र में जाने से मनाहीसमुद्र अभी भी उफान पर है। लहरें कई मीटर ऊंची उठ रही हैं। प्रशासन ने मछुआरों को साफ निर्देश दिया है कि वो अगले कुछ दिनों तक समुद्र के किनारे भी न जाएं। स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें दिन-रात रेस्क्यू में जुटी हैं।क्या करें, क्या न करें?कुदरत के आगे किसी का जोर नहीं चलता, लेकिन सावधानी ही बचाव है।अफवाहों पर ध्यान न दें: सिर्फ आधिकारिक मौसम न्यूज़ पर भरोसा करें।बिजली से दूर रहें: गिरे हुए बिजली के तारों को न छुएं।स्टॉक रखें: जरूरी दवाइयां, टॉर्च और खाने-पीने का सामान पास रखें क्योंकि बिजली गुल हो सकती है।यह समय एक-दूसरे की मदद करने का है। हम सब मिलकर उन परिवारों के लिए दुआ करें जिन्होंने अपनों को खोया है। सुरक्षित रहें और मौसम पर नजर बनाए रखें।