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Money Rules Changing from 1 September 2026: 1 सितंबर से बदल गए आपकी जेब से जुड़े कई बड़े नियम! SGB रिडेम्पशन, एडवांस टैक्स से लेकर डीमैट नॉमिनेशन तक, नोट कर लें ये 6 जरूरी डेडलाइन्स

1 सितंबर 2026 से वित्तीय और निवेश जगत में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। नॉन-ऑडिट करदाताओं के लिए 31 अगस्त की आईटीआर डेडलाइन बीतने के बाद अब सितंबर का महीना एडवांस टैक्स, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और डीमैट खातों के नॉमिनेशन से जुड़ी जरूरी डेडलाइन्स लेकर आया है।

यदि आप एक वेतनभोगी, निवेशक, कारोबारी या टैक्सपेयर हैं, तो वित्तीय नुकसान और जुर्माने से बचने के लिए सितंबर 2026 की इन प्रमुख तारीखों और नए नियमों को समय रहते नोट कर लें।

1. 15 सितंबर: एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त (Advance Tax 2nd Instalment)

यदि किसी व्यक्ति, फ्रीलांसर या कारोबारी की एक वित्त वर्ष में कुल अनुमानित शुद्ध टैक्स देनदारी (TDS कटने के बाद) ₹10,000 या उससे अधिक बनती है, तो उसे एडवांस टैक्स चुकाना अनिवार्य होता है:

  • डेडलाइन: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 है।

  • कितना टैक्स भरना होगा: 15 सितंबर तक करदाता को अपनी कुल अनुमानित वार्षिक टैक्स देनदारी का कम से कम 45% हिस्सा (कम्युलेटिव) जमा करना जरूरी है।

  • चूकने पर नुकसान: तय तारीख तक एडवांस टैक्स का 45% न भरने पर धारा 234C के तहत हर महीने 1% की दर से ब्याज पेनल्टी चुकानी होगी।

2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): 5 सीरीज के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा 5 साल पहले जारी किए गए कई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स के लिए 5 साल का लॉक-इन पीरियड पूरा होने के बाद सितंबर में समय-पूर्व निकासी (Premature Redemption) की तिथियां आ गई हैं:

  • रिडेम्पशन डेट्स:

    • 7 सितंबर: SGB 2021-22 Series VI

    • 8 सितंबर: SGB 2020-21 Series VI

    • 9 सितंबर: SGB 2020-21 Series XII

    • 11 सितंबर: SGB 2019-20 Series X

    • 17 सितंबर: SGB 2019-20 Series IV (इसके लिए आवेदन विंडो 7 सितंबर तक खुली है)

  • टैक्स नियम का ध्यान रखें: बजट 2026 में लागू नए प्रावधानों के तहत केवल वही गोल्ड बॉन्ड्स टैक्स-फ्री रिडेम्पशन के पात्र हैं जिन्हें ओरिजिनल इश्यू के समय खरीदा गया था और जो 8 साल की पूरी मैच्योरिटी तक रखे जाएंगे। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड या समय से पहले भुनाए गए बॉन्ड्स पर पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) के नए नियम लागू होंगे।

3. 1 सितंबर से डीमैट और म्यूचुअल फंड्स के लिए नए नॉमिनेशन नियम

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के निर्देशानुसार, 1 सितंबर 2026 से नए सिंगल-होल्डर डीमैट अकाउंट्स और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए संशोधित नॉमिनेशन प्रक्रिया प्रभावी हो गई है:

  • नए खाताधारकों के लिए अधिकतम 3 नॉमिनी जोड़ना या स्पष्ट रूप से 'ऑप्ट-आउट' (डिक्लेरेशन फॉर्म) चुनना अनिवार्य है।

  • पुराने निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फोलियो में नॉमिनी के नाम, रिश्ते और हिस्सेदारी प्रतिशत (Allocation %) को दोबारा जांच लें ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में ट्रांसमिशन में कोई कानूनी अड़चन न आए।

4. 7 सितंबर: सेबी का नया ईटीएफ (ETF) फ्रेमवर्क

शेयर बाजार में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में पारदर्शिता और लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए सेबी का नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 7 सितंबर 2026 से लागू हो रहा है। इसके तहत ईटीएफ के बेस प्राइस निर्धारण, प्राइस बैंड्स, प्री-ओपन कॉल ऑक्शन और क्लोज-आउट प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

5. 30 सितंबर: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की आखिरी तारीख

जिन कंपनियों, कारोबारियों या प्रोफेशनल्स के खातों का सालाना टर्नओवर तय सीमा से अधिक है और जिनका ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए 30 सितंबर बेहद अहम तारीख है:

  • ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CA/3CB/3CD): असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है।

  • ध्यान रहे कि ऐसे ऑडिट केस वाले करदाताओं के लिए अंतिम इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी।

6. 30 सितंबर: छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा

केंद्र सरकार हर तिमाही के अंत में पोस्ट ऑफिस और स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करती है:

  • तिमाही समीक्षा: 30 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय आगामी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2026) के लिए पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की ब्याज दरों का नया नोटिफिकेशन जारी करेगा।

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