Noida Violence : नोएडा ही नहीं 10 राज्यों को सुलगाने की थी साजिश,दुपट्टे वाली ट्रेनिंग और 10 हजार में गोली चौंकाने वाला खुलासा

News India Live, Digital Desk: दिल्ली से सटे नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन की आड़ में देश को दहलाने की एक गहरी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे सबूतों ने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। खुलासा हुआ है कि यह केवल वेतन वृद्धि की मांग नहीं थी, बल्कि उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत देश के 10 राज्यों में हिंसक बवाल फैलाने का एक सुनियोजित मास्टरप्लान था। साजिशकर्ताओं ने औद्योगिक शांति को भंग करने के लिए ‘दुपट्टे’ वाली खास तकनीक का इस्तेमाल किया ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके।सीसीटीवी से बचने के लिए ‘दुपट्टा ब्रिगेड’ का इस्तेमालपुलिस की जांच में सामने आया है कि आंदोलन के दौरान हिंसा फैलाने के लिए लड़कियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचने के लिए इन युवतियों को सिखाया गया था कि वे अपने ‘दुपट्टे’ या किसी अन्य कपड़े का उपयोग कर कैमरों को कैसे ढकें। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ऐसी फुटेज मिली हैं जहाँ महिलाएं कैमरों पर कपड़ा डालती नजर आ रही हैं, ताकि आगजनी और पत्थरबाजी करने वाले उपद्रवियों की पहचान न हो सके।10 हजार में छह राउंड गोली… ऑडियो से मचा हड़कंपजांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा ऑडियो और मैसेज लगा है जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मैसेज में साफ कहा गया है कि ’10 हजार रुपये में छह राउंड गोली चलानी है, बताओ कहाँ भेजना है’। इस खुलासे से साफ है कि श्रमिक आंदोलन में भाड़े के अपराधियों और अराजक तत्वों को शामिल किया गया था। पुलिस अब उस नेटवर्क की तलाश कर रही है जो व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को हिंसा के लिए उकसा रहा था।10 राज्यों में हिंसा का ‘खाका’: हरियाणा से हुई थी शुरुआतसूत्रों के अनुसार, यह साजिश केवल नोएडा तक सीमित नहीं थी। साजिशकर्ताओं ने अगले चार वर्षों के लिए एक लंबा रोडमैप तैयार किया था। हरियाणा के सफल प्रयोग के बाद उनका अगला निशाना उत्तर प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र नोएडा था। इसके बाद मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा तक इस आग को पहुँचाने की योजना थी। मकसद साफ था औद्योगिक विकास को रोकना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचाना।मास्टरमाइंड आदित्य आनंद और ‘कोर ग्रुप’ पर शिकंजाइस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी आदित्य आनंद फिलहाल पुलिस की रडार पर है। उसके कोर ग्रुप की सदस्य मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि ‘मजदूर बिगुल’ जैसे संगठनों ने अपने ऑनलाइन पोर्टल्स और वेबसाइटों का इस्तेमाल श्रमिकों को भड़काने के लिए किया। पुलिस की एसआईटी (SIT) अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे किन अंतरराष्ट्रीय ताकतों या संदिग्ध राजनीतिक विचारधाराओं का हाथ है।